एक महिला की वजह से इतिहास में दर्ज हुआ फीफा अंडर-17 विश्वकप 2017

फीफा की महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने की मुहिम में एक और मील का पत्थर जुड़ गया है। भारत में आयोजित फीफा अंडर-17 विश्वकप के दौरान पहली बार कोई महिला मैच के दौरान रेफरी की भूमिका अदा करेगी। 14 अक्टूबर को जापान और न्यू कैलेडोनिया के बीच खेले जाने वाले मैच के लिए फीफा ने एस्थेर स्ताउबली को मैच रेफरी नियुक्त किया है। यह मैच कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगन स्टेडियम खेला जाएगा।

स्विटजरलैंड की एस्थेर का नाम उन सात महिला रेफरीज में शामिल हैं जिन्हें फीफा ने भारत में खेले जा रहे अंडर-17 वर्ल्ड कप के लिए आमंत्रित किया है। वर्ल्ड कप में शामिल किए गए महिला और पुरुष रेफरीज को फीफा की रेफरीज कमिटी ने नॉमिनेट किया था। इन सभी को फीफा ने स्पेशल ट्रेनिंग दी है। जिसमें सेमिनार, क्लास रूम लेक्चर और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल हैं।

एस्थेर स्विट्जरलैंड की रहने वाली हैं। वह इससे पहले फीफा महिला विश्वकप कनाडा 2015, यूईएफए महिला चैंपियंस लीग फाइनल-2015, ओलंपिक महिला फुटबॉल टूर्नामेंट रियो-2016 और यूएफा महिला यूरो-2017 जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स के फाइनल में रेफरी की भूमिका निभा चुकी हैं।

पुरुषों के टूर्नामेंट के लिए महिला रेफरी को आमंत्रित करना फीफा रेफरीज डिपार्टमेंट द्वारा 2016 में शुरू किए गए एजूकेशन कार्यक्रम का नतीजा है. जिससे ये बात भी सामने आई है कि अब वक्त आ गया है कि महिला रेफरी को भी पुरुष रेफरीज के साथ काम करने का मौका मिले।

फीफा का मानना है कि सालभर में होने वाले उच्चस्तरीय मैचों की संख्या सीमित है। ऐसे में इस तरह के अवसर कम आते हैं जिसमें 2019 में होने वाले महिला विश्वकप के लिए रेफरीज को तैयार किया जा सके। इसलिए फीफा अंडर-17 विश्वकप में महिला और पुरुष रैफरी को एक साथ काम करने का मौका मिल रहा है।

फीफा के इस कदम से महिलाओं रेफरीज की तैयारी और करियर स्तर ऊपर उठा है। फीफा का मानना है कि उसके इस कदम से महिला और पुरुषों के साथ काम करने की क्षमता और निर्णय की प्रक्रिया में मदद मिलेगी। ,साथ ही इस तरह के मौके मिलने से महिला रेफरीज को अच्छा और विश्व स्तरीय अनुभव भी हासिल होगा।

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