अंतर्राष्ट्रीय

कोर्ट का फैसला- 50 की उम्र के बाद भी महिलाओं के लिए जरूरी है सेक्स

महिलाओं के लिए सेक्स 50 साल की उम्र के बाद भी आवश्यक है। ये फैसला यूरोप की सबसे बड़ी मानवाधिकार अदालत ने दिया है। यूरोपीय अदालत ने पुर्तगाल की अदालत के उस फैसले के खिलाफ दिया जिसमें एक पुर्तगाली महिला को दिया जाने वाला मुआवजा कम कर दिया गया था। महिला ने एक अस्पताल के खिलाफ केस किया था कि वहां ऑपरेशन के बाद उसका सामान्य और यौन जीवन दुष्कर हो गया। महिला ने अस्पताल से हर्जाना मांगा था। महिला की सर्जरी 1995 में हुई थी। तब उसकी उम्र 50 साल थी। साल 2014 के फैसले में पुर्तगाली जज ने कहा था कि “इस उम्र में सेक्स युवावस्था जितना महत्वपूर्ण नहीं रह जाता।” अब 72 वर्षीय मारिया इवोने कारवाल्हो डी सूजा ने पुर्तगाली अदालत के फैसले को फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में चुनौती दी थी। मंगलवार (24 जुलाई) को मानवाधिकार अदालत की पांच जजों की पीठ ने 3-2 से महिला के पक्ष में फैसला दिया।

अदालत ने फैसले में कहा, “यहां सवाल उम्र या सेक्स का नहीं है, बल्कि ये सोच एक समस्या है कि 50 वर्षीय दो बच्चों की मां के लिए सेक्स उतना अहम नहीं जितना नौजवानों के लिए होता है।” यूरोपीय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पुर्तगाली अदालत के फैसले से पुराना पूर्वाग्रह सामने आता है कि महिलाओं और सेक्स का संबोध केवल बच्चे पैदा करने तक का है, न कि उनके दैहिक और मानसिक आत्मसुख का। महिला के वकील ने न्यूयॉर्क टाइम्स को फोन पर बताया कि “अभी शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुकी हैं और उन्हें लगता है कि पुर्तगाल में हुए अन्याय ने उनकी तकलीफ बढ़ा दी।” वकील के अनुसार महिला ने कहा है कि यूरोपीय अदालत के फैसले से साफ हो गया है कि कुछ देश दूसरे देशों से ज्यादा “खुला दिमाग” रखते हैं।

यूरोपीय अदालत ने कहा कि पुर्तगाली न्याय व्यवस्था पितृसत्तात्मक सोच से ग्रस्त है।

मारिया जब उम्र के चौथे दशक में थी तो 1993 में उनकी योनि में बार्थोलाइनाइटिस नामक बीमारी हो गई थी। मई 1995 में सेंट्रल लिस्बन हॉस्पिटल में उन्होंने सर्जरी कराई। उसी महीने उन्होंने अपना 50वां जन्दिन मनाया था। ऑपरेशन के बाद मारिया को तेज दर्द, अवसाद और मूत्रत्याग में तकलीफ की शिकायत होने लगी। उन्होंने परिचितों-रिश्तेदारो से मिलना बंद कर दिया था। उनके मन में आत्महत्या के ख्याल आने लगे थे। बाद में पता चला कि सर्जरी के दौरान उनका एक स्नायु क्षतिग्रस्त हो गया था। अक्टूबर 2013 में मारिया ने अस्पताल पर केस किया। अदालत ने अस्पताल को उसे 80 हजार यूरो हर्जाना और 16 हजार यूरो नर्स के लिए देने का आदेश दिया। अक्टूबर 2014 में पुर्तगाल के सुप्रीम एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्ट ने हर्जाने को एक-तिहाई कम कर दिया। पुर्तगाली अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि महिला के बच्चे बड़े-बड़े हैं और अब उसके पास पति के देखभाल भर की जिम्मेदारी है। पुर्तगाल सरकार ने भी पुर्तगाली अदालत के फैसलों में 50 साल की उम्र में सेक्स को गैर-जरूरी बताने वाले बयान पर खेद व्यक्त किया।

Back to top button