पोलियो से जुड़ी ये बातें हर पेरेंट्स को पता होना हैं जरूरी

पेरेंट्स जानते हैं कि पोलियो ड्रॉप पांच साल तक के बच्चों को दी जाती है

कई सवाल ऐसे हैं जो उन्हें कंफ्यूज कर देते हैं। माता-पिता के इन्हीं परेशानी को दूर करने के लिए हर साल 24 अक्टूबर के दिन ‘विश्व पोलियो दिवस’ मनाया जाता है। हम भी आज आपको यही बताएंगे कि बच्चों को किस उम्र में पोलियो ड्राप देना चाहिए और क्यों।

-क्या है पोलियो ड्राप?

पोलियो वायरल इंफेक्शन से होने वाली एक ऐसी बीमारी है जो ठीक नहीं हो सकती। ऐसे में पोलियो का टीका शिशु की पोलियो या पोलियोमायलाइटिस से सुरक्षा करता है। यह वायरस छोटे बच्चों में अधिक फैलता है। यह पैरों को ज्यादा प्रभावित करता है इसलिए उन्हें इससे सुरक्षित रखने के लिए बच्चों को पोलियो ड्राप देना जरूरी है।

-किस उम्र में पोलियो ड्रॉप देना चाहिए?

नवजात शिशु से लेकर 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलानी जरूरी होती है। छोटे बच्चों को इंफेक्शन का ज्यादा खतरा होता है। ऐसे में जरूरी है कि आप समय-समय पर बच्चे को ड्राप पिलाते रहें। 5 साल तक के बच्चों पोलियो ड्रॉप पिलाकर इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।

-पोलियो कैसे शरीर पर असर करता है?

पोलियो वायरस मांसपेशियों को कमजोर कर देता है, जिससे बच्चे स्थिर हो जाते हैं। ज्यादातर बच्चों के पैर पर पोलियो अटैक होता है। वहीं कई बार यह वायरस सर की मांसपेशियों पर भी अटैक करता है। कुछ बच्चों को पोलियो में सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, हाथ-पैर में दर्द होता है। 70 प्रतिशत केस में पोलियों के लक्षण नहीं दिखाई देते और यह बीमारी सिर्फ पोलियो इंजेक्शन से ही दूर होती है।

क्या पोलियो ड्रॉप से बच्चा होगा संक्रमण से पूरा सुरक्षित?

जी हां, पोलियो की एक ड्राप बच्चे को इस संक्रमण से सुरक्षित रखती है। दरअसल, पोलियो से बचाने के लिए (ओपीवी) ओरल पोलियो वैक्सीन दिया जाता है, जिससे बच्चा पूरी तरह से पोलियो से सुरक्षित रहता है।

-दस्त और उल्टियां हो तो क्या ड्राप पिलानी चाहिए?

कई बार पेरेंट्स के मन में सवाल रहता है कि क्या बुखार, दस्त और उल्टियां होने पर बच्चे को ड्राप पिलानी चाहिए। आपको बता दें कि बच्चे को किसी भी स्थिति में पोलियो ड्राप पिलाई जा सकती है।

-नवजात शिशु को पोलियो ड्राप दी जानी चाहिए या नहीं?

नवजात शिशु के लिए भी पोलियो की खुराक उतनी ही जरूरी है, जितनी कुछ महीने या कुछ साल के बच्चे के लिए। नवजात को पोलियो की दवा पिलाने का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता।

पोलियो टीकाकरण कैसे कराएं?

बच्चे के जन्म के बाद छठे, दसवें व चौदहवें हफ्ते में टीकाकरण करवाना चाहिए।16 से 24 महीने की आयु में बूस्टर डोज दी जानी चाहिए। इसके अलावा जब भी सरकार द्वारा पोलियो अभियान चलाया जाए तो बच्चे को यह ड्राप जरूर पिलाएं।<>

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