हर महिला को होना चाहिए Labor Pain से जुड़ी बातोँ की जानकारी

गर्भ में पल रहे बच्चे के आने की खुशी भी मां को एक्साइटिड कर देती हैं

प्रेग्नेंसी का अनुभव तो औरत को लिए बहुत खास होता है। गर्भ में पल रहे बच्चे के आने की खुशी भी मां को एक्साइटिड कर देती हैं वहीं, डिलीवरी के समय होने वाले दर्द के बारे में सोचते ही घबराहट होने लगती है। उस समय असहनीय दर्द को लेबर पेन कहा जाता है। जिसे लेकर कुछ लोग पहले ही प्रेग्नेंट औरत को डराना शुरू कर देते हैं। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया हैं, जिसके बारे में औरतों को जानकारी होना जरूरी है।

1. ब्लड आना

लेबर पेन की अलग-अलग स्टेज होती है। जैसे-जैसे बच्चे की जन्म का समय नजदीक आने लगता है, दर्द भी बढ़ता जाता है। इस समय गर्भाशय का निचला हिस्सा फैलकर खुलने लगता है। जिस कारण वैजाइना से हल्के रंग का ब्लड निकलने लगता है। ऐसे में घबराने की कोई जरूरत नहीं होती।

2. बच्चे का जन्म

इस समय सर्विक्स पूरी तरह से खुल जाता है। इस स्थिति में डॉक्टर महिला को तब पुश करने के लिए कहते हैं, जब तक कि बच्चे का जन्म न हो जाए। इसमें 2 या फिर इससे ज्यादा घंटे भी लग सकते हैं।

3. जन्म से बाद की स्थिति

बच्चे के जन्म के बाद भी संकुचन की प्रक्रिया चलती रहती है। इसमें गर्भनाल निकलता है जो बहुत जरूरी है। इस 15-20 मिनट की प्रक्रिया में दर्द कुछ कम होता है।

4. डिलीवरी के बाद

बच्चे के जन्म के बाद वैजाइना अपने आप ही पहले वाली स्थिति में आने लगती है। इस समय भी मां को अपनी डाइट का पूरा ख्याल रखना पड़ता है। मां के द्वारा लिया गया अच्छा आहार ही बच्चे को सही पोषण प्रदान करता है।<>

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