छत्तीसगढ़

मतदान के लिए तैयार हो रही ईवीएम मशीन

- आलोक मिश्रा

बलौदाबाजार: बलौदाबाजार लोकसभा निर्वाचन 2019 के तीसरे चरण के होने वाले मतदान के लिए ईवीएम मशीनों की कमीशनिंग का काम आज से शुरू हो गया है। इस दौरान कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्तिकेया गोयल और जिला पंचायत के सीईओ एस.जयवर्धन ने कमीशनिंग कार्य का अवलोकन किया। कमीशनिंग के कार्य में सेक्टर ऑफिसरों सहित 200 से अधिक अधिकारी कर्मचारी लगे हुए हैं।

आज राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जांजगीर चांपा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए ईवीएम मशीनों की कमीशनिंग की गई। उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मशीन के विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी और मार्गदर्शन में यह कार्य किया जा रहा है।

ईवीएम मशीनों की कमीशनिंग प्रक्रिया के बारे में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सचिन भूतड़ा ने बताया कि आज से ईवीएम मशीनों की कमीशनिंग की जा रही है। इसके लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों और जांजगीर चांपा के लोकसभा प्रत्याशियों को लिखित एवं दूरभाष पर कमीशनिंग की सूचना दी गई है।

उन्होंने बताया कि जांजगीर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले कसडोल विधानसभा क्षेत्र के ईव्हीएम मशीन की कमीशनिंग की जाएगी। इसके बाद 15 एवं 16 अप्रैल को रायपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बलौदाबाजार और भाटापारा विधानसभा क्षेत्र की ईव्हीएम मशीनों की कमीशनिंग की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कमीशनिंग में सबसे पहले बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की पेयरिंग की जाती है। इसके बाद बैलेट यूनिट में बैलेट पेपर लगाया जाता है। जिसमें प्रत्याशियों के नाम का क्रम और चुनाव चिन्ह प्रिंट रहता है। इसके बाद कंट्रोल यूनिट को चालू करके मॉक पोल जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मशीन ठीक से काम कर रही है या नहीं।

बैलेट यूनिट में चिपकाए गए बैलेट पेपर के सामने वाले सभी बटनों को दबाया जाता है। इसके बाद यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक बटन को दबाने के बाद वीवीपैट में पर्ची निकल रही है या नहीं। इस पूरी प्रक्रिया के बाद कंट्रोल यूनिट को वापिस रिसेट करने के लिए सीआरसी की प्रक्रिया की जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि मॉक पोल का एक भी डाटा उसमें मौजूद न रहे।

कमीशनिंग की पूरी प्रक्रिया की जाँच के बाद तीनों मशीनों में एड्रेस टैग लगाकर रिटर्निंग ऑफिसर का हस्ताक्षर होता है और तीनों मशीनों की सीलिंग की जाती है। इस तरह ईवीएम मतदान के लिए तैयार होती है।

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