उत्तम वासुदेव को जिला का प्रभारी बनाए जाने पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह

- बालकृष्ण अग्रवाल

पेंड्रा: राजनीति एक ऐसा मंच है जहां से बहुत लोगों की लड़ाई वा उनके अधिकारों की मदद की जा सकती है जीवन में परोपकारी सबसे बड़ी सेवा है और इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु शिक्षा जीवन से ही छात्र राजनीति में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जिससे सन 2000 एवं 2001 में एनएसयूआई का प्रदेश महासचिव उत्तम को बनाया गया 2 जिलों का प्रभार भी मिला उन दिनों कॉलेज में चुनाव हुए करते थे जिनमे में शत प्रतिशत रिजल्ट दिया उसके बाद सन 2004 में बिलासपुर जिले के एनएसयूआई के ग्रामीण जिला अध्यक्ष के रूप में कार्य करने की जवाबदारी मिली विपक्ष के रूप में सरकार की लड़ाई छात्र हित में लड़ाई लड़ी उत्तम वासुदेव का 2006 तक ही इस प्रकार की जवाबदारी दी गई.

2007 से 2009 तक आम नेता के रूप में उन्होंने कार्य किया साथ ही विधानसभा चुनाव तथा लोकसभा चुनाव में स्वयं के भूत के साथ विधानसभा की जवाबदारी होती थी उसका रिजल्ट भी शत प्रतिशत आता था उत्तम की कार्यकुशलता एवं पार्टी के प्रति निष्ठा और उनके कार्यों को देख कर सितंबर 2010 में प्रदेश युवक कांग्रेस का चुनाव हुआ जिसमें उत्तम को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में चुना गया जिसके बाद उत्तम ने पूरी निष्ठा लगन और मेहनत के साथ विपक्ष के रूप में रहके पार्टी के प्रति लड़ाई लड़ी यही कारण था कि पुणे 2012 में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हुआ और उत्तम को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला दोनों कार्यकाल में उत्तम का कार्यकाल सर्वाधिक अच्छा रहा उनके कार्यकाल के दौरान चुनावों में बूथ के साथ साथ विधानसभा और लोकसभा दोनों चुनाव में परिणाम बहुत अच्छा रहा उत्तम वासुदेव को जो भी संगठन में जवाबदारी मिली उसे बेहतर तथा प्रभावी ढंग निर्वहन किया, उत्तम वासुदेव को पार्टी के द्वारा जो भी जवाबदारी मिली उस पर वे खरे उतरे है.

 Excite enthusiasm among workers and supporters, when Uttam Vasudev was made in charge of the district

अपने क्षेत्र में इतना अच्छा प्रभाव था कि जब 2015 में जनपद का चुनाव हुआ तब उनकी पत्नी श्रीमती नीलम वासुदेव को वहां से जनपद सदस्य के रूप में चुना गया जो की पेंड्रा जनपद के सभी ब्लॉकों में सर्वाधिक मतों से विजय हुई 2018 में निश्चित ही मरवाही के परिणाम बहुत खराब है लेकिन उसकी नैतिक जवाबदारी भी उत्तम वासुदेव ने स्वयं ली जबकि उन्हें कोई भी जवाबदारी विधानसभ क्षेत्र में नही दी गई क्या कारण थे ,क्या चूक हुई उसकी समीक्ष जारी है,मरवाही विधानसभा क्षेत्र छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद कांग्रेश और जोगी का गढ़ माना जाता है पूरे मरवाही विधानसभा में जोगी की अपनी एक अलग पहचान है.

अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री थे और उनका विधानसभा मरवाही छेत्र रहा है मरवाही विधानसभा मैं अजीत जोगी या यूं कहें की जोगी परिवार अजय योद्धा के रूप में है हालांकि इस बार कांग्रेस पार्टी ने भरपूर जोर आजमाइश की कि जोगी के घर को तोड़ दिया जाए लेकिन उनका हर बार विफल गया और अजीत जोगी के अभेद गढ़ को नहीं तोड़ पाए जिसके बाद कांग्रेस को मरवाही विधानसभा से हार का मुंह देखना पड़ा उत्तम वासुदेव का पार्टी के प्रति समर्पण देख कर पार्टी के प्रति उनकी लगन देखकर प्रदेश के मुखिया ने उत्तम वासुदेव को मुंगेली जिला का प्रभार दिया है जिसके बाद कार्यकर्ताओं में एवं उत्तम के समर्थकों में भारी उत्साह है आपको बता दें कि उत्तम वासुदेव 2010 में शिक्षाकर्मी के प्रथम श्रेणी में उनका चयन हुआ.

लेकिन कांग्रेस पार्टी की विचारधारा एवं पार्टी के प्रति उनकी लगन के कारण उन्होंने शिक्षाकर्मी की नौकरी की छोड़ दी प्रदेश सरकार उत्तम वासुदेव के कार्यकाल को देखते हुए उन्हें फिर से एक नई जवाबदारी ती है उत्तम वासुदेव ने कहा कि संगठन ने आज तक मुझे जो भी जवाबदारी दी है मैंने उसका पार्टी हित में अनुसरण किया है और पूरी लगन और मेहनत के साथ पार्टी को आगे बढ़ाया है जिसकी वजह से मुझे आज इतनी बड़ी जवाबदारी मिली है जिस प्रकार पार्टी ने मुझ पर विश्वास जताया है मैं पूरी निष्ठा और लगन के साथ मुंगेली जिले में संगठन के विश्वास मैं खरा उतरूंगा।

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