Exclusive : गोंडी भाषा में सड़कों और चौक चौराहों के नाम लिखने उठी मांग

सरकार सहित अन्य राजनीतिक दलों से करेंगे मांग

Exclusive : गोंडी भाषा में सड़कों और चौक चौराहों के नाम लिखने उठी मांग

रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश में सब सड़कों के नाम गोंडी भाषा में लिखने की मांग शुरू हो गई है. ये मांग किसी और ने नहीं बल्कि आदिवासी छात्र संगठन ने उठाया है. आदिवासी छात्र संगठन के अध्यक्ष योगेश ठाकुर का कहना है कि प्रदेश में आदिवासी समाज के लोगों की संख्या 50 लाख से ऊपर है ऐसे में चौक चौराहों और सड़कों की जानकारी के लिए लिखा जाने वाला नाम गोंडी भाषा में भी होना चाहिए जिससे गोंडी भाषा जानने वालों को आसानी होगी.

उनका कहना है कि बस्तर जैसे सुदूर इलाकों में आज भी हिंदी और अंग्रेजी पढने वाले लोगों की कमी है कई बार लोग उन भाषाओँ में लिखे हुए चीजों को पढ़ नहीं पाते हैं ऐसे में सरकार को चाहिए की किसी जगह का नाम लिखने के लिए गोंडी भाषा का भी इस्तेमाल हो .

योगेश ठाकुर ने क्लिपर 28 से चर्चा करते हुए कहा कि स्कूलों में गोंडी भाषा के बारे में पढ़ाया जाता है लेकिन किसी जगह का नाम लिखने के लिए उसका इस्तेमाल नहीं किया जाता है. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि राज्य सरकरा आदिवासियों के हितों को ध्याम रखते हुए उनकी मांग पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाये.

गौरतलब है कि प्रदेश के कई हिस्से ऐसे हैं जहाँ पर सिर्फ गोंडी बोलने वाले लोग हैं ऐसे में जब वो कहीं जाते हैं तो अंग्रेजी या हिंदी में लिखे चीजों को ठीक तरह से पढ़ नहीं पाते जिसके चलते उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
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