Exclusive:कांकेर जेल के कैदियों ने बनाया इतिहास,इनकी कैलोग्राफी को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड

आईडल छत्तीसगढ़ ग्लोबल इन्डिफाइंग फाउंडेशन रायपुर ने किया जेल विभाग के अधिकारियों व प्रशिक्षक का सम्मान

रायपुर:छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में जेल के कैदियों ने वूडन आर्ट की कलाकृति का जादू बिखेरकर इतिहास बनाया है . 9 कैदियों ने वूडन आर्ट के माध्यम से एक कैलोग्राफी तैयार की है ,जिस पर भारत का राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम लिखा हुआ है .

इस कलाकृति को उभारने के लिए जेल विभाग का भरपूर समर्थन मिला .खास बात ये है कि छत्तीसगढ़ ने वूडन आर्ट की कला के माध्यम से कैलोग्राफी तैयार कर विश्व में एक अलग पहचान बनाई है .

इस कैलोग्राफी ने गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड का ख़िताब जीता है .इसकी अधिकृत घोषणा गुरुवार को राजधानी स्थित जेल मुख्यालय में एक कार्यक्रम के दौरान की गई .

कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल ने सर्टिफिकेट प्रदान कर इसकी घोषणा की . खास बात ये है कि छत्तीसगढ़ में ऐसी प्रतिभाओं को निखारने और उभारने का बीड़ा आईडल छत्तीसगढ़ ग्लोबल इन्डिफाइंग फाउंडेशन रायपुर ने उठाया है .

संस्था के अध्यक्ष नवल किशोर राठी ने जेल के कैदियों की इस कला को पहचान दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की .उन्होंने गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में फार्म जमाकर छत्तीसगढ़ का नाम विश्व में रोशन करने में भूमिका निभाई .

इसमें खास बात ये भी है कि वन्देमातरम लिखी हुई कैलोग्राफी 22 फीट चौड़ा और 44 फीट लम्बा है .जेल में वूडन आर्ट के प्रशिक्षक ने कैदियों को ट्रेनिंग दी .

इस कला ने विश्व में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है .इस अवसर पर आईडल छत्तीसगढ़ ग्लोबल इन्डिफाइंग फाउंडेशन रायपुर की ओर से इस सराहनीय कार्य के लिए जेल विभाग के डीजी गिरधारी नायक ,रायपुर सेंट्रल जेल डीआईजी केके गुप्ता ,कांकेर जिला जेल प्रभारी अधीक्षक श्री भार्गव व जेल के प्रशिक्षक श्री मंडावी का सम्मान किया और इस उपलब्धि पर बधाई दी .

संस्था के अध्यक्ष नवल किशोर राठी ने कहा कि वे राज्य में प्रतिभाओं को उभारने का काम करते हैं ,जब उन्हें कांकेर जेल के कैदियों की कलाकृति के बारे में पता चला तो उन्होंने इसे विश्व में पहचान दिलाने का मन बन लिया .

 

आखिरकार गोल्डन बुक में नाम दर्ज होने के बाद उन्हें ख़ुशी महसूस हुई साथ ही यह भी गर्व हुआ कि छत्तीसगढ़ का नाम पुरे विश्व में जाना जाएगा.जेल विभाग डीजी और रायपुर सेंट्रल जेल के डीआईजी ने इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कला को बढ़ावा देने की बात कही .बता दे इससे पहले किसी भी जेल के कैदियों ने ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं बनाया है .

आज के सम्मान कार्यक्रम में मुख्य रूप से पधारे गोल्डन बूक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया टीम के प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल ने अवार्ड प्रदान कर छत्तीसगढ़ को इस उपलब्धि पर बधाई दी।वहीं कार्यक्रम संयोजक लक्ष्मी नारायण लाहोटी ने कार्यक्रम में आभार व्यक्त करते हुए अपना अनुभव भी साझा किया।इसके साथ ही नवल किशोर राठी सहित पूरे माहेश्वरी समाज ने जेल पुलिस अधिकारियों और प्रशिक्षक का साल और श्रीफल से सम्मान किया।साथ ही समाज की ओर से हर संभव मदद की बात भी कही।</>

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