घुमंतु और शाल त्यागी बच्चों एवं उनके पालकों को दी जा रही समझाईश

राजशेखर नायर:
धमतरी: कलेक्टर रजत बंसल के निर्देश पर बाल उदय कार्यक्रम के तहत भीख मांगते, भटकते, घुमंतू और शाला त्यागी बच्चों के पुनर्वास एवं शिक्षा प्रदान करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा चाईल्ड लाईन के काउंसलर द्वारा बच्चों एवं पालकों से भेंट कर समझाईश दी जा रही है।

इसी कड़ी में 27 एवं 28 फरवरी को टीम द्वारा धमतरी के औद्योगिक वार्ड देवार बस्ती में पालकों एवं बच्चों को समझाईश दी गई तथा बच्चे और माता-पिता की अलग-अलग काउंसिलिंग की गई। इससे बच्चे को स्कूल जाने में होने वाली परेशानी एवं माता-पिता को अपने बच्चे को स्कूल भेजने में आ रही परेशानी से अवगत होकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए पालकों को परामर्श देने में सहुलियत हो।

बताया गया है कि कार्यक्रम के तहत आगामी तीन मार्च को राजीव गांधी शिक्षा मिशन के जरिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, चित्रकला, खेलकूद एवं नियमित स्कूल जाने वाले बच्चों को पुरस्कार वितरित किया जाएगा।

साथ ही अलग-अलग दिनों में विभिन्न विभागों की अलग-अलग गतिविधियां संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिससे बालक, जो बचपने से भिक्षावृत्ति, बालश्रम, अपशिष्ट संग्राहक, घुमंतु, शाला त्यागी, नशा में लिप्त हो गए हैं, उनके बचपन को पुनः उदय करते हुए बाल उदय कार्यक्रम को साकार किया जा सके।

गौरतलब है कि इस कार्यक्रम के संबंध में कलेक्टर द्वारा गत दिनों महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, समाज कल्याण, आदिवासी विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चाईल्ड लाईन के साथ समन्वय बैठक ली गई थी।

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