लापरवाही की हदः कोरोना वैक्सीन की लाखों डोज से भरा ट्रक लावारिस हालत में मिला, पुलिस भी हैरान

कंटेनर में 364 बड़े बॉक्स में यह कोवैक्सीन स्टोर की हुई थी जिसकी कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

नरसिंहपुरः एक तरफ देश में कोरोना महामारी से लोगों की जान जा रही है. वहीं इस महामारी से लड़ाई के अहम हथियार कोरोना वैक्सीन को लेकर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है. बता दें कि नरसिंहपुर जिले में कोरोना वैक्सीन की लाखों डोज से भरा एक ट्रक लावारिस हालत में मिला है. जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया. जब दूसरा ड्राइवर आया तो ट्रक को उसके गंतव्य स्थान की तरफ भिजवाया गया.

क्या है मामला


घटना नरसिंहपुर जिले के करेली इलाके की है. जहां करेली बस स्टैंड के पास ऐक्सिस बैंक के सामने सड़क किनारे एक कोल्ड चेन का कंटेनर ट्रक लावारिस हालत में चालू खड़ा हुआ था. ट्रक करीब 7 घंटे से लावारिस हालत में खड़ा था. ड्राइवर और कंडक्टर का कहीं कोई अता-पता नहीं था. स्थानीय लोगों ने जब इसे देखा तो पुलिस को इसकी सूचना दी. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो ट्रक के कागजात देखकर उनके भी होश उड़ गए.

ट्रक में थी वैक्सीन की 2 लाख से ज्यादा डोज


जांच में पता चला कि ट्रक हैदराबाद से पंजाब के करनाल जा रहा था. ट्रक में कोरोना वैक्सीन की 2 लाख 40 हजार डोज भरी हुई थीं. जांच में पता चला कि यह कंटेनर ट्रक गुड़गांव की टीसीआई कोल्ड चेन सॉल्यूशन कम्पनी का है, जो कि भारत बायोटेक कम्पनी की कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ की 2 लाख 40 हजार डोज लेकर हैदराबाद से करनाल पंजाब जा रहा था. कंटेनर में 364 बड़े बॉक्स में यह कोवैक्सीन स्टोर की हुई थी जिसकी कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

झाड़ियों में मिला ड्राइवर का मोबाइल


पुलिस ने कम्पनी के अधिकारियों से सम्पर्क कर ड्राइवर के मोबाइल नम्बर की लोकेशन ट्रेस की, जो कि 15 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर बाईपास के आगे फोरलेन के किनारे झाड़ियों में पड़ा हुआ मिला. पुलिस को शुरुआती जांच में लग रहा है कि ड्राइवर मोबाइल यहाँ फेंककर भाग गया है. हालांकि वह क्यों भागा अभी इस बारे में पता नहीं चल पाया है. जांच में पता चला है कि ड्राइवर का नाम विकास मिश्रा उम्र 22 वर्ष है, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी का रहने वाला है.

वहीं वैक्सीन का ट्रांसपोर्टेशन कर रही कम्पनी के अधिकारियों से पुलिस की बात हुई तो उन्होंने बताया कि नागपुर से दूसरा ड्राइवर भिजवाया है. जिसके देर शाम करेली पहुंचने की संभावना है. वहां जहां एक तरफ जहां देश में कोरोना वैक्सीन की कमी हो रही है, वहां वैक्सीन की ट्रांसपोर्टेशन को लेकर इस बड़ी लापरवाही ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. दूसरे ड्राइवर के आने तक करीब 12 घण्टे में यदि कंटेनर ट्रक का एयरकंडीशनर बंद हो जाये या अन्य समस्या आ जाये तो कोरोना की 2 लाख 40 हजार डोज के खराब होने का खतरा बन जाएगा. फिलहाल पुलिस ने दूसरे ड्राइवर के जरिए ट्रक को रवाना कर दिया है.

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