इनवेस्टिगेशन के लिए फेसबुक मैसेंजर की तोड़नी होगी एन्क्रिप्शन सिक्योरिटी

अमेरिकी सरकार सख्त, सिक्योरिटी को ब्रेक करने का बनाया जा रहा दबाब

नई दिल्ली। अमरीकी डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने रिपोर्ट करते हुए बताया है कि वह लगातार फेसबुक को अपनी मैसेंजर चैट एप की एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन सिक्योरिटी को ब्रेक करने के लिए कह रही है।

उनका कहना है कि सरकार संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा की जा रही ऑनगोइंग वायस कनवर्सेशन का पता लगाना चाहती है व क्रिमिनल इनवैस्टिगेशन में फेसबुक मैसेजर एप का उपयोग करना चाहती है। इसी लिए फेसबुक पर इस सिक्योरिटी को ब्रेक करने का दबाब बनाया जा रहा है।

फेसबुक ने अपनी मैसेंजर एप में एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन फीचर को शामिल किया है जिसके जरिए मैसेज भेजने वाला व प्राप्तकर्ता ही इसमें सेंड की गई फोटो वीडियो व ऑडियो को सुन सकता है।

चाहते हुए भी कोई इस तक पहुंच नहीं बना सकता, लेकिन इस फीचर के कारण अमरीकी सरकार को जांच करने में काफी समस्या हो रही है। पिछली हफ्ते की शुरूआत में अमरीकी सरकार ने कोर्ट में कहा था कि फेसबुक को अपनी डिमांड्स पर विचार करना चाहिए।

द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक के हालात अब यह हो गए हैं कि या तो उसे अपनी मैसेंजर एप से इनक्रिप्शन को हटाना होगा नहीं तो सरकार द्वारा मैसेंजर को ही हैक कर लिया जाएगा

जिसके बाद सरकार जिन-जिन लोगों पर शक कर रही है उनको लेकर इनवैस्टिगेशन को अंजाम देगी। फिलहाल फेसबुक सरकार की बात मानने को तैयार नहीं है।

इस सिक्योरिटी को ब्रेक करने का दबाब बनाया जा रहा

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