उज्जवला से उज्जवल हुए 91 हजार गृहणियों के चेहरे

अम्बिकापुर।

प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत गरीब परिवारों को धुएं से मुक्त रसोई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मात्र 200 रुपए में रसोई गैस कनेक्षन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके तहत सरगुजा जिले के 1 लाख 31 हजार 643 परिवारों के 91 हजार 791 हितग्राहियों को रसोई गैस कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है।

इस तरह उज्जवला योजना से 91 हजार 791 गृहणियों के चेहरे उज्जवल हुए हैं। कलेक्टर किरण कौशल ने ग्रामीण गृहणियों से रसोई गैस का सावधानीपूर्वक उपयोग करने का आग्रह किया है।

उन्होंने खाद्य विभाग एवं गैस एजेंसियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी समय-समय पर रसोई गैस के सद्ुपयोग के संबंध में ग्रामीण गृहणियों को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

घटते वन क्षेत्र के कारण ग्रामीण महिलाओं को रसोई के लिए ईंधन की लड़की जुटाने में बहुत मशक्कत करनी पड़ रही थी। रात के बचे हुये भोजन को ग्रहण कर अथवा दो-चार रोटियां सेंककर ग्रामीण महिलाएं सुबह से ही जंगल की ओर सुखी लकड़िया बीनने निकल जाती थीं।

जब आसपास घने जंगल थे तो ग्रामीण गृहणियों को आसानी से पर्याप्त मात्रा में सुखी लकड़िया मिल जाती थी, जिसे लम्बी आकृति में बांध कर सिर पर रखकर घर ले आती थीं। लकड़ियां बीनने का कार्य समूह में किया जाता था, ताकि जंगली जानवरों से सामना होने पर अपनी रक्षा की जा सके, किन्तु कुछ परिस्थितियों में जंगली जानवरों का सामना करते हुए जान भी गवाना पड़ता था।

सूखी लकड़ियां बीनने के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं का भी सामना करना पड़ता था।
कुछ महिलाएं नन्हें बच्चों को पीठ पर बांध कर अपने साथ ले जाती थीं, जिससे उन्हें लकड़ियां बीनने के दौरान अतिरिक्त कठिनाईयों का भी सामना करना पड़ता था। साथ ही कुछ असामाजिक तत्वों के कारण भी मुश्किलें आती थी। बहुत मेहनत के बावजूद भी ग्रामीण गृहणियां बहुत अधिक मात्रा में लकड़ियां एकत्र नहीं कर पाती थीं, जिसके कारण बारिश के दिनों में ईंधन के लिए लकड़ियां जुटाना कठिन हो जाता था।

गिली लकड़ियों से खाना बनाते समय चूल्हा फूंक-फूंक कर धुयें से उनका दम घुटने लगता था। खांसते-खांसते बहुत मुष्किल से भोजन तैयार हो पाता था।
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत जब उन्हें मात्र 200 रूपए में रसोई गैस कनेक्षन उपलब्ध हो गया तो उनके खुशी की सीमा न रही। अब उन्हें बहुत सारी कठिनाईयों से स्वयं ही निजात मिल गया है।

रसोई गैस उपलब्ध कराने के साथ ही संबंधित गैस एजेंसियों के कर्मचारियों द्वारा रसोई गैस के उपयोग के संबंध में पूरी जानकारी एवं सावधानियों से अवगत कराया गया है। अब ग्रामीण महिलाएं सावधानीपूर्वक गैस का उपयोग करते हुए भोजन बना रही हैं, जिससे उन्हें जंगल जाने से छुटकारा मिल गया है।

खाद्य अधिकारी आर.सोनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर जनपद के 22 हजार 593 गृहणियों को रसोई गैस कनेक्षन प्रदान किया गया है। इसी प्रकार लखनपुर जनपद के 12 हजार 873 गृहणियों, उदयपुर जनपद के 9 हजार 854 गृहणियों, सीतापुर जनपद के 11 हजार 94 गृहणियों, मैनपाट जनपद के 9 हजार 57 गृहणियों एवं बतौली जनपद के 9 हजार 673 गृहणियों तथा लुण्ड्रा जनपद के 16 हजार 647 गृहणियों को रसोई गैस कनेक्षन प्रदान किया गया।

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