पूरे राज्य में लागू हो चुकी 112 वाहनों की सुविधाएं, अब तक मुंगेली जिले में नहीं

महीनों बाद भी पुलिस मुख्यालय नहीं ले रहा संज्ञान

मनीष शर्मा

मुंगेली।

प्रदेश समेत जिले के लोगों को सभी आपातकालीन सेवाएं एक ही नंबर 112 पर मिलने लगी है मगर मुंगेली जिले का दुर्भाग्य ही कहा जाय योजना को छह महीने पहले लागू होने के बावजूद 112 की सुविधा से मुंगेली जिले के सभी थानों को वंचित रखा गया है जबकि यह योजना का लाभ बेमेतरा, बलौदाबाजार, कवर्धा सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में लगभग मुहैय्या शासन ने करा दिया है।

बता दें सिंगल इमरजेंसी नंबर की शुरुआत शुभारंभ दौरान प्रदेश के 11 जिलों में की गई। योजना के शुभारंभ में 4 सितंबर 2018 को रायपुर, रायगढ़, महासमुंद, दुर्ग, कोरबा, जांजगीर-चांपा, जगदलपुर और सरगुजा में यह सुविधा एक साथ शुरू की गई।

बाद में इस योजना का विस्तार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी कर दिया गया मगर इससे मुंगेली जिले को वंचित रखना समझ से परे है नए जिले बढ़ते अपराध सीमित संसाधनों के बावजूद यहा ऐसे वाहनों के नहीं होने के चलते किसी घटना दुर्घटना अथवा कोई वारदात समय पुलिस के पास वाहनों का अभाव देखा जाता है।

छत्तीसगढ़ में प्रायः सभी जरूरतमंद जिलो में यह सुविधा सहित सभी जगहों पर स्टाफ की भर्ती भी कर ली गयी है और वहां पर गाड़ियां भी भेज दी गई हैं।

क्या है 112 योजना

प्रावधान अनुसार शहर के थानों में दो-दो गाड़ियां होगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के थानों में एक-एक गाड़ी दी जाएगी। इमरजेंसी रिस्पांस वीलर (ईआरवी) की टीम शहर में 10 मिनट और ग्रामीण इलाकों में 30 मिनट में पहुंचेगी।

इस नंबर पर पुलिस के अलावा एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड की सुविधा मिलेगी। बाद में इसी नंबर पर अन्य आपातकालीन सेवाओं को जोड़ा जाएगा। इस इमरजेंसी सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सेवा उन सिम कनेक्शन या लैंडलाइन पर भी उपलब्ध होगी, जिनकी किसी कारणवश आउटगोइंग सुविधा रोक दी गई हो। किसी भी व्यक्ति की तरफ से किसी भी आपात स्थिति में 112 नंबर पर फोन आने पर उसकी कॉल तत्काल संबंधित विभाग को ट्रांसफर कर दी जाएगी।

नई सुविधा

अलग-अलग भाषाओं में मिलेगी जानकारी. इसमें हिंदी, अंग्रेजी और छत्तीसगढ़ी के अलावा हल्बी, गोड़ी, मराठी, तेलुगु और मलयालम में भी शिकायतें सुनी जाएगी। इन भाषा और बोली के जानकार भी रायपुर कंट्रोल रूम में तैनात रहेंगे।

सोशल मीडिया से कनेक्ट

डॉयल 112 फेसबुक, ट्विटर और वाट्स से कनेक्ट रहेगा। इसके यूजर होमपेज में जाकर शिकायतें भेज सकेंगे। ऐसी शिकायतें गोपनीय रहेंगी। जानकारी के अनुसार वेबपेज को भी ऐसा डिजाइन किया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आसानी से उसे समझ सकें और सोशल मीडिया से भी अपनी शिकायत या सूचनाएं पहुंचा सकें।

एक क्लिक से मैसेज और लोकेशन

डॉयल -112 के मोबाइल एैप वर्जन में एक बड़ा बटन रहेगा। इसे क्लिक करते ही मैसेज कंट्रोल रूम में पहुंच जाएगा कि संबंधित मोबाइल धारक को मदद की जरूरत है। कंट्रोल रूम में उसका लोकेशन भी दिखेगा। कंट्रोल रूम उस व्यक्ति से संपर्क करेगा, हालांकि बड़े बटन की सुविधा उन्हीं के लिए है जो इमरजेंसी में कॉल या मैसेज नहीं कर सकते।

महिलाओं को मिलेगा खास फायदा

पुलिस थानों में 112 वाहन होने से महिलाओं को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। स्कूल, कॉलेज या अन्य स्थानों के साथ छेड़छाड़ की घटना होती है तो वे सीधे 112 डॉयल कर देंगे। इससे पुलिस सीधे घटना स्थल पहुंच जाएगी। इससे महिलाओं को आसानी से सुरक्षा मिल सकेगी।

कंट्रोल रूम से होगी गाड़ियों की मॉनिटरिंग

सभी गाड़ियां जीपीएस अपडेटेड है। गाड़ियों की लोकेशन जानने और मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोलरूम में एक स्क्रीन फीट की गई है। इसमें गाड़ियों की 24 घंटे लोकेशन व्यक्ति देख सकेंगे। 112 में कॉल आने पर वह सीधे रायपुर से ट्रांसफर होकर मोबाइल धारक के लोकेशन के पास मौजूद गाड़ी को मैसेज भेजेगा।

समय के साथ कई बदलाव भी

डायल 112 में समय के साथ और भी बदलाव होंगे। अभी फिलहाल के पुराने आपातकाल नंबर 108,101, इन सभी नंबरों पर कॉल करने पर वह ऑटोमेटिक ही 112 पर चली जाएगी। इसके साथ ही आगे व्यक्ति के मदद की हिसाब से उसका नंबर भी उसी टीम को फारवर्ड कर दिया जाएगा।

मुंगेली जिले के लिए अभी तक 112 वाहनों का आबंटन नहीं हुआ है। यह काम पुलिस मुख्यालय स्तर का होता है, यहां के 112 के लिए अनेको बार अवगत करा दिया गया है
पारुल माथुर, पुलिस अधीक्षक मुंगेली

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