छत्तीसगढ़

कटघोरा वनमंडल पर लग रहे तथ्यहीन आरोप,अब वनमंडलाधिकारी एक्शन के मूड में

आखिर किन कारणों से कटघोरा वन मण्डल इस तरह के आरोपो से घिरता जा रहा है?

अरविन्द

कटघोरा: कई महीनों से कटघोरा वनमंडल भ्रष्टाचार व अनुभवविहीन कार्यशैली जैसे आरोपो का दंश झेल रहा है।यहाँ पदस्थ वनमंडलाधिकारी शमा फारूकी भी इस तरह के तथ्यहीन बेतुके आरोपो से हैरान हैं।आखिर किन कारणों से कटघोरा वन मण्डल इस तरह के आरोपो से घिरता जा रहा है? लेकिन इन सबके बीच वनमंडलाधिकारी फारूकी ने यह स्पष्ट तौर पर साफ कर दिया है कि अनगर्ल व तथ्यहीन बेतुके आरोप लगाने पर एक्शन लिया जा सकता है।

अब ऐसे में डीएफओ की कार्यशैली भ्रस्ट बताना

कटघोरा वनमंडल पर लग रहे भ्रष्टाचार जैसे आरोपो पर वनमंडलाधिकारी शमा फारूकी ने पूर्व में साफ कर दिया था कि तथ्यात्मक सबूत पेश करे सम्बन्धितों पर उचित कार्यवाही की जाएगी।अब ऐसे में डीएफओ की कार्यशैली भ्रस्ट बताना आखिर कितना लाजमी है यह तो भलीभांति समझा जा सकता है।सूत्र बताते हैं कि फारूकी की कार्यशैली दोषी नही है, बल्कि इनकी कार्यशैली तो काबिले तारीफ है जिन्होंने वनमंडल के कार्यो का जीरो ग्राउंड से जायजा किया है।इस दौरान जितने भी निर्माणकार्य गुणवत्तापूर्ण पाए गए हैं उनका सहर्ष भुगतान भी किया जा रहा है।जितने कार्य आधे अधूरे रहे उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए गए थे और जो कार्य मानक अनुरूप रहे उनका भुगतान नही हो सकता बताया गया था।

सूत्र बताते हैं कि यह सारा माजरा उन वनपरिक्षेत्राधिकारियो की देन है जिन्होंने विभागीय कार्यो को ठेकेदारों की बदौलत करवाया है।अब ऐसे में ठेकेदारों को कमान मिल जाने से ठेकेदार गदगद हो गए और ज्यादा कमाई के फेर में निर्माणकार्यो में गुणवत्ता की धज्जियां उड़ा दी और निर्माणकार्य बनते बनते ही ध्वस्त होने लगे।अब ऐसे में तात्कालिन डीएफओ सन्त साहब ने भी इन निर्माणकार्यो का भुगतान करना सही नही समझा था और भुगतान रोक दिया गया था।

वर्तमान डीएफओ शमा फारूकी ने स्वयं ग्राउंड में जाकर सभी निर्माणकार्यो का निरीक्षण किया है और जांच टीम गठित कर जांच करवाई गई है।जिसमें जो कार्य गुणवत्ता के दायरे में रहे उनका भुगतान किया जा रहा है।अब जो कार्य गुणवत्ताविहीन पाए गए हैं उनका भुगतान अधर में लटकता नजर आ रहा है।भुगतान नही होने से ठेकेदारों में नाराजगी जैसे हालात बने हुए।अब भला एक जिम्मेदार अधिकारी कैसे इन मानक अनुरूप बने निर्माणकार्यो का भुगतान करें?भुगतान नही होने से कई तरह के आरोप लगा कर डीएफओ को अनुभवविहीन बताने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है।

अब डीएफओ को विशेष समुदाय पर मेहरबान बताया जा रहा है।

कटघोरा वनमंडल के अंतर्गत रेंजों में कई महीनों से मजदूरी भुगतान नही होना बताया जा है तथा अपने विशेष समुदाय के लोगो को भुगतान किया जाना बताया जा रहा है, जबकि वनमंडल के सभी रेंजों में मजदूरी भुगतान का शिलशिला महीनों से जारी है।अब तो हद हो गई, जब डीएफओ शमा फारूकी पर विशेष समुदाय के लोगो को भुगतान किया बताया जा रहा है। राजनीति के तर्ज पर विभागीय अधिकारी की कार्यशैली को जाति समुदाय से तोलना कितना सार्थक है यह समझ से परे है।सच तो यह है कि सही कार्यो का भुगतान कर रही शमा फारूकी भ्रस्ट ठेकेदारों के झांसे में नहीं आ रही जो अमानक कार्यो का भुगतान करा सके।इसलिए वनमंडल आये दिन अनेको आरोपो को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है।

केशकाल का एक वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है जिसमे केशकाल विधायक संतराम नेताम ने एसडीओ के तौर रही शमा फारूकी को समझाईश देते नजर आ रहें हैं।वीडियो में विधायक मजदूरी भुगतान वाली बात कहते नजर आ रहे हैं।दरअसल मजदूरी भुगतान का यह मामला केशकाल का है जहाँ किसी कारणवस मजदूरी नही मिलने से मजदूर विधायक के पास शिकायत लेकर गए थे।इसी बात को लेकर विधायक ने एसडीओ फारूकी को समझाईश दी थी तथा सभी का मजदूरी भुगतान किया गया था।पर इस वीडियो का कटघोरा वनमंडल से कोई ताल्लुक नही है जो इसे जमकर वायरल किया जा रहा।कटघोरा वनमंडल में गुणवत्ताविहीन निर्माणकार्यो का भुगतान लटक जाने से ठेकेदारों की बोखलाहट है जो डीएफओ फारूकी को अनगर्ल आरोपो में फंसा कर इनकी कार्यशैली धूमिल करने में लगे हैं।

तथ्यहीन खबरों पर लिया जा सकता है एक्शन-शमा फारूकी

अनगर्ल तरीके से वनमंडल पर लगाए जा रहे तथ्यहीन भ्रष्टाचार के आरोपों पर वनमंडलाधिकारी शमा फारूकी एक्शन के मूड में आ चुकी है।बिना तथ्यों के वनमंडल पर आरोप लगाना भारी पड़ सकता है।फारूकी ने बताया कि अनगर्ल व झूठी खबरे चलाई जा रही है जिनमे कोई सच्चाई नही है और धर्म समुदाय से जोड़ा रहा है जो कि कतई उचित नही है विभाग से सभी को भुगतान किया जा रहा है इसमें कोई विशेष समुदाय वाली बात नही है।ऐसी झूठी खबरों को लेकर जल्द ही एक्शन लिया जाएगा।

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