पुलिस भर्ती परीक्षाओं में फर्जी अभ्यर्थियों की हुई धर-पकड़

जिन अभ्यर्थियों की जगह इस गिरोह के सदस्य बैठे, उनकी भी तलाश की जा रही है।

आगरा: पुलिस भर्ती में आये बिहार से 5 लोगों के एक गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जो अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने के लिए बुलाये जाते है, सॉल्वर परीक्षा देने के बदले एक से डेढ़ लाख रुपये में सौदा करते है।

और परीक्षा देने से पहले 20 से 50 हजार रुपये पेशगी लेते है। इस मामले में आगरा जोन के जिलों के एक दर्जन युवकों के नाम सामने आए हैं। जिन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षा में बिहार के सॉल्वर गिरोह से संपर्क किया था।

हाथरस कार्यालय के अनुसार गिरोह का एक सदस्य बिहार के नवादा का वासुदेव 18 जून को परीक्षा की पहली पाली में पकड़ा गया था। वासुदेव ने पूछताछ में अपने साथियों के नाम बताए, जिन्हें पकड़ने को पुलिस ने जाल बिछाया।

पांच सदस्यों को आगरा रोड स्थित एमजी पॉलीटेक्निक मैदान से दबोच लिया गया। इनमें उदय कुमार निवासी चौपाल खुर्द थाना नानपुर, सीतामढ़ी, दिलीप कुमार एवं प्रवीन कुमार निवासी नवदपुर थाना गायघाट मुजफ्फरपुर, प्रेम प्रकाश निवासी आरएन कॉलेज के पास गांव हाजीपुर थाना हाजीपुर वैशाली व अजय पासवान निवासी नगमा थाना घोसी, जहानाबाद हैं। सभी बिहार के रहने वाले हैं।

एसपी हाथरस सुशील घुले ने बताया कि आरोपितों से नौ आधार कार्ड, आठ पैनकार्ड, डीएल, एटीएम, मोबाइल फोन आदि सामान बरामद किया है। इनमें से उदय मथुरा में इंद्रजीत निवासी अलीगढ़ की जगह परीक्षा दे चुका है तथा प्रवीन कुमार आगरा में राजपाल निवासी हाथरस की जगह परीक्षा दे चुका है।

गिरोह के सदस्य संजय निवासी नौपुरा सादाबाद एवं राजकुमार निवासी बरामई सादाबाद फरार हैं। इन्हीं के जरिए अभ्यर्थियों का बिहार के गिरोह से संपर्क हुआ था। यह गिरोह परीक्षा में बैठने के 20 हजार रुपये लेता है तथा अभ्यर्थी का सलेक्शन होने पर 80 हजार रुपये और लेते हैं। एक से डेढ़ लाख रुपये के बीच पूरा सौदा होता है। जिन अभ्यर्थियों की जगह इस गिरोह के सदस्य बैठे, उनकी भी तलाश की जा रही है।

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