क्राइममध्यप्रदेश

नौकरी देने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बेरोजगारों के साथ इस तरह कर रही धोखाधड़ी

युवा ज्वाइनिंग लेटर देखकर अग्रिम राशि देने के लिए राजी हो जाते हैं।

Indore crime news इंदौर: कोरोना संक्रमण के दौर में कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। युवा ऑनलाइन के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे हैं लेकिन जब वे आवेदन करते हैं तो उन्हें नौकरी के बजाय धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ रहा है।

धोखाधड़ी के शिकार रेसीडेंसी कोठी क्षेत्र निवासी 23 वर्षीय युवक अवधेश सिंघई ने बताया कि गूगल पर नौकरी देने के नाम पर कई फर्जी वेबसाइट उपलब्ध हैं, जो पहले तो सभी दस्तावेज मांगती है, इसके बाद नौकरी देने का झांसा भी दे देती हैं, कहा जाता है कि नौकरी लग चुकी है।

लोगों को कंपनी में भर्ती करने के दस्तावेज (ज्वाइनिंग लेटर) भी दे देती है। जब युवा पूरी तरह इनके चंगुल में फंस जाता है तो नौकरी पर आने के पहले रुपयों की मांग की जाती है। युवा ज्वाइनिंग लेटर देखकर अग्रिम राशि देने के लिए राजी हो जाते हैं।

रुपये देने के बाद युवा भटकते रहते हैं, तब पता चलता है कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। युवक ने क्राइम ब्रांच व साइबर सेल को मामले में शिकायती आवेदन दिया है। इस तरह की शिकायतें पुलिस के पास लंबित हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है। नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का शिकार होने की अब तक करीब 100 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी है।

लाखों रुपयों की धोखाधड़ी

भंवरकुआं क्षेत्र में रहने वाले 24 वर्षीय दीपेश मेहता ने बताया कि वे मूलतः रीवा के रहने वाले हैं। इंदौर से आइटी की पढ़ाई करने के बाद पुणे में बड़ी कंपनी में नौकरी कर रहे थे। कोरोना संक्रमण के बाद वे इंदौर आ गए। पहले भी उन्होंने नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था। इस बार अप्रैल में उन्होंने फिर से आवेदन किया।

पंजीयन शुल्क के नाम पर उनसे पहले 32 हजार रुपये यह कहकर ट्रांसफर करने को कहा कि कुछ दिन बाद यह राशि फिर से आपके खाते में आ जाएगी लेकिन आई नहीं। इसके बाद जब पंजीयन पूरा हुआ तो 75 हजार रुपये और ट्रांसफर करने की मांग की। जैसे ही 75 हजार रुपये ट्रांसफर किए वेबसाइट बंद हो गई। हेल्पलाइन नंबर भी बंद हैं।

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