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इराक में मारे गए मजदूरों के परिवारों ने शव के अवशेष लेने से किया इंकार

इराक में मारे गए 39 भारतीय मजदूरों में से छह बिहार के रहने वाले थे, जिनमें से पांच के शव के अवशेष परिवार वालों को सुपुर्द करने के लिए मंगलवार सुबह सिवान पहुंचाए गए.

इराक में मारे गए 39 भारतीय मजदूरों में से छह बिहार के रहने वाले थे, जिनमें से पांच के शव के अवशेष परिवार वालों को सुपुर्द करने के लिए मंगलवार सुबह सिवान पहुंचाए गए.

सिवान के पुलिस लाइन में जिलाधिकारी महेंद्र कुमार और एसपी नवीन चंद्र झा ने इन्हें श्रद्धांजलि दी मगर पशोपेश की स्थिति तब पैदा हो गई, जब इराक में मारे गए सुनील कुमार कुशवाहा और अदालत सिंह के परिवार वालों ने उनके अवशेष लेने से इंकार कर दिए.

इन दोनों मृतकों के परिजनों का कहना है कि बिहार सरकार ने मृतकों के परिवार वालों को पांच पाच लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है, जो नाकाफी है. सुनील कुशवाहा की पत्नी पूनम देवी ने कहा कि उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र क्रमशः छह साल और आठ साल है. पति के मौत के बाद उन्हें परिवार चलाने में काफी दिक्कत हो रही है. इसी वजह से उन्होंने मांग की कि जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती है, तब तक वह अपने पति के अवशेष को स्वीकार नहीं करेंगी.

वहीं, दूसरी तरफ अदालत सिंह के परिजनों ने भी उनके अवशेष लेने से इंकार कर दिया और मांग की कि जिस तरीके से पंजाब सरकार ने वहां के मृतकों के परिवार वालों को मुआवजे के अलावा सरकारी नौकरी का एलान किया है, उसी तरीके से बिहार सरकार को अभी मृतकों के परिवार वालों को नौकरी देनी चाहिए. वहीं, एक शव के अवशेष के डीएनए मैच किए जा रहे है. डीएनए मैच होने के बाद ही राजू यादव के अवशेष को वापस लाया जाएगा.

इराक में मारे गए भारतीयों के परिजनों ने शवों के ताबूत न खोलने के आदेश के बाद केंद्र सरकार पर सवाल दागा है. उन्होंने आशंका उठाई कि वो इस बात पर कैसे यकीन करें कि ये शव उनके अपने लोगों के ही हैं? हालांकि विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह का कहना है कि भारतीयों के शवों को डीएनए टेस्ट के बाद ही भारत वापस लाया गया है.

दरअसल, केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि अवशेष के ताबूत न खोले जाएं, क्योंकि उसमें कई प्रकार की गैसें हैं, जो इंसान के लिए घातक साबित हो सकती हैं. सरकार के इस आदेश के बाद मृतकों के परिजनों ने कहा कि इस आदेश के बाद उनको सरकार के ऊपर शक है. उनका कहना है कि वो इस पर कैसे विश्वास करें कि जो अवशेष मिले हैं, वो उन्हीं के परिजनों के ही हैं?

मालूम हो कि इराक में मारे गए 39 भारतीयों में से 38 के शव के अवशेष सोमवार को विशेष विमान से भारत वापस लाए गए और उन्हें उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया. इन अवशेषों को लाने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह खुद इराक गए थे.

इसके बाद उन्होंने अवशेषों को मृतकों के परिजनों तक पहुंचाया. इराक में खूंखार आतंकी संगठन आईएस द्वारा मारे गए 39 भारतीयों में से 27 पंजाब, चार हिमाचल, छह बिहार और दो पश्चिम बंगाल से थे.

विदेश राज्यमंत्री के बयान पर विवाद

इराक में मारे गए भारतीयों के परिजनों को मुआवजा देने को लेकर विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह के बयान पर विवाद हो गया है. इसको लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है. साथ ही बिहार में दो मृतकों के परिजनों ने शव के अवशेष लेने से इनकार कर दिया है.

दरअसल, मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के सवाल पर केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा, ”ये बिस्कुट बांटने वाला काम नहीं है. ये आदमियों की जिंदगी का सवाल है. आ गई बात समझ में? मैं अभी ऐलान कहां से करूं? जेब में कोई पिटारा थोड़ी रखा हुआ है.”

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे देने की मांग पर वीके सिंह के बयान की कड़ी निंदा की. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इराक के मोसुल में मारे गए 39 भारतीयों को लेकर मोदी सरकार लगातार परिजनों और देश को गुमराह कर रही है.

उन्होंने ट्वीट किया कि अब केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग को न सिर्फ खारिज किया है, बल्कि इस मांग को बिस्कुट बांटने से तुलना करके मृतकों के परिवारों के घावों पर नमक रगड़ने का काम किया है. मुआवजे को लेकर सिंह का बेहद शर्मनाक और निंदनीय है.

पटना से लौटे वीके सिंह ने कांग्रेस पर किया पलटवार

वहीं, सोमवार रात मृतकों के शव के अवशेषों को सौंप कर पटना से दिल्ली लौटे वीके सिंह ने कांग्रेस पर जमकर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि मामले में कांग्रेस नकारात्मक भूमिका निभा रही है. वह हर जगह खामी ढूढ़ने की कोशिश कर रही है.

गरीबों और देश के मसले पर कांग्रेस बेहद ओछी राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि बिहार में मृतकों के शव पहुंचने पर बेहतरीन व्यवस्था की गई, लेकिन पंजाब में समस्या पैदा की गई.

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