सुप्रसिद्ध संगीतकार राजेश को पसंद है झुग्गी-बस्तियों में भजन गाना

राजेश ने गानों की शुरुआत रामचरितमानस और सुन्दरकाण्ड से की

रायपुर:मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मे सुप्रसिद्ध भजन संगीतकार राजेश मिश्रा का छत्तीसगढ़ से काफी लगाव है .राजेश मिश्रा देश -विदेश में अपने भजन गीतों का लोहा मनवा चूके हैं .राजेश की खास बात ये है कि वे झुग्गी -बस्तियों में जनता के बीच जाकर भजन गीतों की प्रस्तुति देने में अत्यंत ख़ुशी महसूस करते हैं .

राजेश मिश्रा रायपुर के टैगोर नगर में एक भजन कार्यक्रम में शिरकत करने आए हुए हैं .राजधानी के एक निजी होटल में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने गानों की शुरुआत रामचरितमानस और सुन्दरकाण्ड से की .

साइंस से ग्रेजुएट होने के बाद भी उन्होंने भजन को ही अपना प्रोफेशन चुना ,क्योंकि भजन गीतों से उन्हें ख़ुशी मिलती है .राजेश सौ से अधिक एल्बम में अपनी सुमधुर आवाज और गीतों का जादू बिखेर चुके हैं .अनुराधा पौडवाल के साथ भी उन्होंने भजन प्रस्तुति दी है .

राजेश के पिता स्व. हनुमान प्रसाद मिश्रा उनके प्रथम गुरु हैं और उनसे ही राजेश ने गाना सीखा है .राजेश अपने कार्यक्रम के दौरान लोगों को कन्या भ्रूण हत्या रोकने के संकल्प के साथ ही नशा मुक्ति के लिए जागरूक करते हैं भजन गीतकार राजेश मिश्रा ने कहा कि रामचरितमानस पढने से उच्चारण दोष समाप्त हो जाता है .

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