बॉलीवुड

फिल्म ‘हीर-रांझा’ बनाने का फरहान का रहा सपना अधूरा

फिल्म ‘हीर-रांझा’ बनाने का फरहान का रहा सपना अधूरा

पिछले काफी समय से बॉलिवुड में पुरानी हिंदी फिल्मों के रिमेक का दौर चल रहा है। हालांकि जहां कुछ फिल्ममेकर्स इस कॉन्सेप्ट के खिलाफ हैं, वहीं कुछ पुरानी बॉलिवुड फिल्में बनाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इसी कड़ी में अब सुनने में आ रहा है कि ऐक्टर फरहान अख्तर की निर्देशक बहन जोया अख्तर भी फिलहाल किसी क्लासिक हिंदी फिल्म को बनाने के बारे में दिलचस्पी ले रही हैं।

एक सूत्र के हवाले से पता चला है कि जोया फिल्म ‘हीर रांझा’ का रिमेक करके, उसे मॉडर्न टच देने पर विचार कर रही हैं। अपने भाई फरहान अख्तर के साथ मिलकर इस फिल्म को बनाने के लिए उनकी ओर से खासी दिलचस्पी दिखाई जा रही है। इसके साथ ही सूत्र के अनुसार, ‘हीर रांझा’ अब तक बनी एकमात्र ऐसी फिल्म है जिसके सारे डायलॉग्स कविताओं में गढ़े गए हैं। जिसे उनकी सौतेली मां शबाना आजमी के पिता कैफी आजमी ने उस वक्त लिखा था। दरअसल यह फिल्म बनाकर वह प्रसिद्ध कवि को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।’

हालांकि ऐसा जान पड़ता है कि उनकी इस कोशिश में थोड़ी दिक्कतें पेश आ रही हैं। दरअसल 1970 में बनी इस क्लासिक फिल्म के राइट्स मशहूर निर्देशक चेतन आनंद के पास थे, जिनकी मौत के बाद अब बेटे केतन आनंद इसके राइट्स को किसी और के साथ बांटना नहीं चाहते हैं। इस बारे में केतन मेहता ने कहा, ‘उन्होंने पसर्नली मुझ से इस बारे में कोई रिक्वेस्ट नहीं की, मगर उनकी कंपनी के लोगों ने मुझे पांच महीने पहले संपर्क किया था।

अब तक मेरी फरहान, जोया या जावेद अख्तर से कोई निजी तौर पर बातचीत नहीं हुई है, इसलिए मैंने सीधे इसे नामंजूर कर दिया है।’ हालांकि सूत्रों के अनुसार, ‘केतन ने फिल्म के राइट्स के बदले हद से ज्यादा पैसे मांग लिए थे। असल में केतन 10 करोड़ चाहते थे, जबकि फरहान और जोया इसके लिए 1 करोड़ तक देने के लिए राजी थे, जिस वजह से केतन ने राइट्स देने से साफ इंकार कर दिया।’ वहीं केतन इसके पीछे अपनी यह मंशा बताते हैं कि इस तरह उन्होंने अपनी इस कीमती धरोहर को बिकने से बचा लिया।

इसके अलावा केतन को जब यह बताया गया कि फरहान व जोया इस तरह अपने नाना को श्रद्धाजंलि देना चाहते हैं तो इस पर वह और भड़क गए। केतन ने कहा, ‘फिर तो उन्हें अपने नाना के लिए इतना करना ही चाहिए। कैफी आजमी साहब मेरे पिता के खास दोस्त थे और मैंने उनके काम को मौल लगाया है, जिसे लेकर उन्हें तो खुश होना चाहिए। मैं क्यों उन्हें वह चीज ऐसे ही दे दूं, जिससे वह आगे चलकर करोड़ों कमाने वाले हैं?’

इसके साथ ही केतन का राइट्स न देने की वजह के पीछे एक यह भी तर्क बताया जा रहा है कि वह खुद इस फिल्म का रिमेक बनाना चाहते हैं। केतन ने बताया, ‘इस बारे में हमारी निवेशकों से बात चल रही है। ऐसे जितना हमें अपनी मार्केट रिसर्च से पता चला है फिलहाल फिल्म इंडस्ट्री में कहानी मायने रखती है, इस वजह से यह दौर कुछ नए लोगों के साथ प्रयोग करने के लिए एकदम सही है। थकेले लोगों से हम थक गए हैं। इसमें हो सकता है कि मुझे छह से सात महीने का समय लगे, मगर मैं सब सही कर लूंगा।’

बहरहाल, केतन के तेवर देख कर तो फिलहाल यही लगता है कि फरहान व जोया की यहां दाल नहीं गलने वाली है।

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