गुड़गांव पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को फरीदाबाद की विजिलेंस टीम ने किया गिरफ्तार

हेड कॉन्स्टेबल अमित व इंस्पेक्टर विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज

फरीदाबाद: फरीदाबाद की विजिलेंस टीम ने गुड़गांव पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक इंस्पेक्टर फरार है. मामला है एक शख्स को किडनैप कर 57 लाख रुपए लूटने का. चलिए आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि आखिर गुड़गांव पुलिस के दामन पर किडनैपर होने का दाग कैसे लगा.

दिल्ली उत्तम नगर के नवीन भूटानी ने पुलिस को शिकायत की कि वह एक कॉल सेंटर चलाते हैं और यूके व ऑस्ट्रेलिया के लोगों को धार्मिक चीजें बेचते थे. शिकायत के मुताबिक भूटानी के एक जानकार कृष्ण भारद्वाज ने उन्हें करनाल के एक स्कूल संचालक से मिलवाया, जिसके पास payumoney का पेमेंट गेटवे था. दोनो ने मिलकर काम शुरू किया.इस डील में एक करोड़ 20 लाख रुपए की कमाई हुई, जिसमें 80 लाख नवीन भूटानी के हिस्से के थे.

भूटानी ने शिकायत में कहा कि जब उन्होंने अपने हिस्से के पैसे मांगे तो उन लोगों ने पैसे लेने के लिए भूटानी को गुड़गांव के अपने घर मे बुलवाया, वहां कुछ वर्दी में और कुछ सादी वर्दी में पुलिसवालों ने उन्हें, उनके साथी और ड्राइवर को घेर लिया और गुड़गांव के खेड़की दौला थाने ले गए.

जहां थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर विशाल ने उनकी बहुत पिटाई की और उन्हें छोड़ने के लिए एक करोड़ रुपये बतौर रिश्वत मांगे. शिकायत के मुताबिक भूटानी ने अपने इधर-उधर से 57 लाख रुपए की रकम जुटाई. जिसके बाद उन्होंने मेरी कार का सारा सामान, चेकबुक, लेपटॉप व स्टैम्प आदि अपने पास रख लिए और उसे देने की एवज में 10 लाख रुपए और मांगे, जिस पर नवीन भूटानी ने उन्हें 5 लाख अभी और 5 लाख अगले महीने देने की बात कही. जब 28 दिसम्बर को इंस्पेक्टर विशाल के कहने पर हेड कांस्टेबल अमित पैसे लेने गुड़गांव राजीव चौक पहुंचा, तो विजिलेंस की टीम ने उसे धर दबोचा.

विजिलेंस ने हेड कॉन्स्टेबल अमित व इंस्पेक्टर विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, हालांकि इंस्पेक्टर विशाल अभी फरार है. खास बात ये है कि कोई भी अधिकारी इस मामले पर बोलने के लिए तैयार नहीं है, इसका कारण ये है कि विशाल का बैकग्राउंड काफी समर्थ है, विशाल के परिवार के कई लोग हरियाााणा पुलिस में ही उच्च अधिकारी बताए जाते हैं. अब सवाल ये है कि क्या लूट और किडनैपिंग का पूरा खेल इंस्पेक्टर विशाल तक ही सीमित है या पर्दे के पीछे किसी बड़े अधिकारी की शह भी है. दरअसल ये बेहद गंभीर मामला है क्योंकि अगर पुलिसवाले ही लुटेरे और किडनैपर बन जाएंगे तो जनता विश्वास किस पर करेगी.

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