छत्तीसगढ़

किसानों की तरक्की का सफर भाजपा सरकार में हुआ शुरू : बृजमोहन

रायपुर : प्रदेश के धर्मस्व,कृषि,सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य पालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में अपने विभागीय बजट  भाषण के दौरान उपलब्धियों और कार्यों का ब्यौरा सदन पर रखा। अपने बजट भाषण में बृजमोहन ने कहा कि कृषि ही एक ऐसा क्षेत्र है जो सबसे ज्यादा रोजगार देता है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में कृषि का विकास देखकर लोग आश्चर्यचकित है। 55 सालों में जो नही हुआ वह बीते 14 सालों में हो गया। बृजमोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डॉ रमन सिंह सहित हमारी भाजपा सरकार पूरी निष्ठा के साथ गांव-गरीब और  किसानों की सेवा में लगी है।

हम श्रेष्ठ भारत बनाने का संकल्प लेकर चल रहे है ऐसे में अन्नदाताओं की तरक्की का सफर आगे भी तेज गति से चलता रहेगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने अपने बजट भाषण की शुरुआत धर्मस्व विभाग से की उन्होंने उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए सौभाग्य की बात है कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने राजिम कुंभ कल्प को मान्यता प्रदान करते हुए प्रदेशवासियों को अपना आशीर्वाद प्रदान किया है। साथ ही उन्होंने कुंभ के दौरान 360000 से अधिक दीपू के प्रज्वलन तथा 2100 व्यक्तियों द्वारा सामूहिक शंखनाद आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किये जाने को भी उपलब्धि बतायी। उन्होंने कहा कि दामाखेड़ा मेला, गिरोधपुरी मेला, लालपुर मेला, बस्तर दशहरा, मां बमलेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़, जशपुर दशहरा पर्व, राजिम धर्मशाला निर्माण,रावणभाठा दसहरा,कैलाश मानसरोवर यात्रा,शासकीय मंदिरों के पुजारियों,बस्तर के मांझियों/चालकियों  आदि में विभागीय सहायता का उल्लेख किया। 

जल संसाधन विभाग के बजट भाषण मैं बृजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश की निर्मित सिंचाई क्षमता 13.28 लाख हेक्टेयर थी जो अब 20.61 लाख हेक्टेयर हो गई है। सिंचाई क्षमता 22 से बढ़कर 36% हो गई है। 2018-19 का कुल बजट 3127.58 करोड है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत वास्तविक सिंचाई में वृद्धि करने के लिए भारत सरकार द्वारा आई एस बी आई जी योजना लागू की गई है । जिसमें निर्माणाधीन 3 परियोजनाएं महानदी परियोजना, तांदुला परियोजना एवं कोलार परियोजना सहित अन्य चार नवीन परियोजनाये  शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत फील्ड चैनल का निर्माण सूक्ष्म सिंचाई,नहर सुधार,भूमि उपयोग आदि कार्य शामिल है। योजना हेतु 245 करोड़ का प्रावधान किया गया है। आगामी 4 वर्षों के लिए आईएसबीआईजी में 848 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि से 115000फील्ड चैनल का निर्माण किया जाएगा।

इस वर्ष 2018-19 मै चार वृहद सिंचाई परियोजनाओं हेतु 461.40 करोड,3 मध्यम परियोजना हेतु 8.10, करोड़ 418 लघु सिंचाई योजना हेतु 655.50 करोड,157 एनीकेट/ स्टॉप डेम हेतु 312 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इस वर्ष नवीन मध्य में 481 योजनाएं शामिल है जिनकी लागत 1906 करोड़ है। इसके साथ ही शिवनाथ व्यापर्तन नहर लाइनिंग कार्य 40 करोड़ रुपये,छिरपानी  जलाशय नहर लाइनिंग कार्य 20 करोड़ रुपये,खम्हारपाकुट जलाशय  नहर लाइनिंग कार्य 10 करोड़ रुपये,मयाना  जलाशय नहर लाइनिंग लाइनिंग कार्य 12.25 करोड़,श्याम घुनघुट्टा परियोजना नहर लाइनिंग कार्य 32 करोड़ रुपये स्वीकृत है। नदी  इन्टरलिंकिंग परियोजनाएं- पैरी महानदी इन्टरलिंकिंग कार्य 10 करोड़ रुपये,महानदी(गंगरेल) तांदुला लिंक नहर कार्य 40 करोड़ रुपये,कोडार नैली नाला इन्टरलिंकिंग कार्य 10 करोड़ रुपये,मोंगरा-मोहड़-खरखरा जल संवर्धन कार्य 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

कृषि विभाग के बजट भाषण में उन्होंने कहा कि धान उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत 2100 करोड़ राशि का प्रावधान किया गया है। जिससे 13 लाख 35 हज़ार 801 किसानों को बोनस प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार 10 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन फसल परियोजना हेतु 2 करोड़ रुपये, 2 हज़ार हैक्टेयर क्षेत्र में सुगन्धित धान क्षेत्र विस्तार हेतु 107.50 करोड़ रुपये,1लाख दलहन-तिलहन मिनीकिट निःशुल्क वितरण हेतु 3 करोड़ रुपये, फसल अवशिष्ट प्रबंधन हेतु जिलों में 20 यूनिट की स्थापना हेतु 1.90 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है।
इसके साथ ही 1500 करोड़ की चिराग योजना विश्वबैंक एवं राज्य सरकार के सहयोग से किया जाएगा। जिसके तहत 6000 कृषि उधमियों की स्थापना,4 लाख कृषक परिवार लाभन्वित होंगे साथ ही 2.5 लाख उत्पादक समूह का गठन किया जाएगा।

उद्यानिकी विभाग बजट भाषण में उन्होंने कहा कि 12 करोड़ की लागत से जिला दुर्ग एवं जगदलपुर में सिडलिंग प्रोडक्शन यूनिट की स्थापना होगीे। जिसमे प्रतिवर्ष 2 करोड़ से अधिक सब्जियों के पौधे होंगे तैयार।

समस्त नगर निगम क्षेत्रों में वेजीटेबल ग्रोविंग किट वितरण हेतु 2.25 करोड़,29 सिडलिंग यूनिटों के संचालन/प्रबंधन के लिए प्रति यूनिट 2 ग्रामीण उद्यान अधिकारियों की पदस्थापना, गरियाबंद,जशपुर,मुंगेली के साथ ही बेमेतरामें मिनी सिडलिंग यूनिट की स्थापना हेतु 1.80करोड़ रुपये स्वीकृति किये गए है।जिला कोरबा,बलरामपुर, सूरजपुर जांजगीर में सिडलिंग यूनिट की स्थापना 2.83 करोड़ की लागत से होगी।

पशुधन विकास विभाग पर उन्होंने कहा कि बीजापुर एवं नारायणपुर जिला में पशुरोग अन्वेषण प्रयोगशाला की स्थापना 1.60 करोड़ की लागत से होगी। प्रदेश के 25 नवीन पशु औषधालय की स्थापना एवं 20 पशु चिकित्सालयों का उन्नयन 3 करोड़ की लागत से होगा। 10 पशु औषधालय भवन का निर्माण 1.32 करोड़ की लागत किया जाएगा। इस वर्ष 5 संभागीय मुख्यालयों में पशु रेस्क्यू वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।

गौशालाओं के क्रियान्वयन बजट में वृद्धि 20-25 लाख रुपये,शेड निर्माण एवं मरम्मत कार्य हेतु 5 से 8 लाख रुपये बजट में प्रावधान किया गया है। गौशालाओं में प्रति पशु 25 रुपये जो दिए जाते थे उसे अब 35 रुपये किये जाने की घोषणा उन्होंने की।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के बजट में  जशपुर, छुईखदान, गरियाबंद, कुरूद, महासमुंद और कोरबा में 6 नवीन कृषि महाविद्यालय तथा बालोद,कोंडागांव और सुकमा में कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाएंगे। मैनपाट में टाउ फसल पर अनुसंधान एवं प्रसंस्करण कार्य हेतु 1.30 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसके माध्यम से खाद्य एवं औषधि उत्पाद तैयार होगा। 7 कृषि,उद्यानिकी एवं कृषि अभियांत्रिकीय महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास निर्माण 65.27 करोड़ रुपये। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन निर्माण  हेतु 7 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।

मत्स्य बीज उत्पादन हेतु महासमुंद के ग्राम बोरिंग,जांजगीर के ग्राम चरौद तथा कांकेर के पखांजूर में 3 नवीन हैचरी की स्थापना हेतु 75 लाख रुपये बजट में शामिल किया गया है।

बीज प्रमाणीकरण संस्था पर उन्होंने अपने भाषण में बताया कि 2 नवीन बीज परीक्षण प्रयोगशाला जगदलपुर एवं अम्बिकापुर में बनाये जाएंगे। इसके लिए 1.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त बीज उपलब्ध हो सकेंगे।रायपुर में जैविक प्रमाणीकरण संस्था की स्थापना होगी जिसके लिए 1.5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मंडी बोर्ड के बजट भाषण पर उन्होंने कहा कि भंडारण क्षमता में वृद्धि  एवं फलों को पकाने की उचित प्रबंधन हेतु 31.86 करोड़ की लागत से बिलासपुर,दुर्ग, राजनांदगांव,रायगढ़ में कोल्ड स्टेरोज/रायपनिंग चेंबर की स्थापना होगी।किसानों को प्रशिक्षण हेतु रायपुर में किसान भवन एवं कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 32.77करोड़ से किया जायेगा। एक ही छत के नीचे समस्त कृषि उत्पाद किसानों को मिल सके इस हेतु रायपुर और महासमुंद  में 38.77करोड़ की लागत से एग्रीमॉल बनाया जाएगा। कृषि उपज मंडी समिति रायपुर के 25 एकड़ भूमि पर मेला ग्राउंड बनाने के लिये 22.50 करोड़ रुपये बजट में शामिल है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले इस हेतु पत्थलगांव, सिलफिली,कुम्हारी में 11.13 करोड़ की लागत से फल सब्जी मंडी/उप मंडी विकसित किया जाना प्रस्तावित है। दुग्ध महासंघ कि बजट भाषण में उन्होंने कहा कि दूध संयंत्र उरला मैं यूएचटी प्लांट की स्थापना की जाएगी। 60  नवीन दुग्ध समितियों का गठन होगा। दुग्ध संकलन लक्ष्य प्रतिदिन 1लाख लीटर किया गया है।

Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.