किसानों के बिजली बिल हाफ पर सदन में हंगामा, विपक्ष का बहिष्कार

रायपुर। किसानों के बिजली बिल हाफ नहीं करने के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया और बहिष्कार किया। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया था कि बिजली बिल हाफ करने की योजना में किस-किस श्रेणी को शामिल किया गया है।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सभी घरेलू उपभोक्ताओं का 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ किया गया है। इससे ज्यादा होने पर प्रचलित दर लागू होगी। कौशिक ने पूछा कि क्या किसानों की बिजली को भी हाफ किया गया है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का बिजली बिल पहले से ही फ्लैट रेट पर लागू है। एक पंप वाले किसान को एक एचपी के लिए 100 स्र्पये प्रति महीना तय किया गया है। इस पर विपक्ष के विधायकों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया और नारेबाजी शुरू कर दी।

विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि जनघोषणा पत्र में जब सभी का बिजली बिल हाफ करने का वादा किया गया था, फिर किसानों को क्यों छोड़ दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब यह सवाल पूछा गया, तब तक बिजली बिल हाफ करने की घोषणा नहीं हुई थी, ऐसे में यह सवाल ही उद्भूत नहीं होता है।

आठ फरवरी को 400 यूनिट तक हाफ करने की घोषणा की गई है। यह योजना एक मार्च से लागू हो जाएगी। इस पर विपक्ष के विधायकों ने कहा कि 400 यूनिट तक की सीमा में बांधना जनता के साथ धोखा है। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि जब तीन चुनाव झूठ बोलकर जीते, तक कोई सवाल नहीं उठाया।

जवाब देने से पहले ही बहिर्गमन की तैयारी

धरमलाल कौशिक के सवाल का जवाब आने से पहले ही विपक्ष ने बहिर्गमन पर चर्चा शुरू कर दी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाब आया नहीं, बहिर्गमन की पहले से तैयारी हो गई। उन्होंने शिवरतन शर्मा से कहा कि वे अपने नेता को निर्देश दे रहे हैं कि बहिर्गमन करना है। तो शिवरतन ने कहा कि आपकी परंपरा का निर्वहन कर रहा हूं। जब आप विपक्ष में थे, तब अपने नेता को ऐसा ही निर्देश देते थे।

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