छत्तीसगढ़

जैविक खेती को बढ़ावा देने किसान मेला

राजनांदगांव : कृषि और जैव प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशताब्दी के अवसर पर ग्राम मोहबा में जैविक खेती को बढ़ावा देने किसान मेला सह प्रदर्शनी लगाई गई । इसमें छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामजी भारती, जिला पंचायत सदस्य क्रांति बंजारे, राज्य कृषक कल्याण परिषद के सदस्य बिशेसर दास साहू, मनजीत सिंह, उप संचालक कृषि अश्वनी बंजारा, सहायक संचालक उद्यान नीरज शाहा, कार्यक्रम समन्वयक कृषि विज्ञान केन्द्र बीएस राजपूत उपस्थित थे। ग्राम सिंगपुर और मोहबा में जैविक खेती मिशन संचालित है, जिसमें 100 एकड़ क्षेत्र में कृषकों की ओर से जैविक खेती किया जा रहा है। जिन्हें इस वर्ष प्रमाणीकरण की पात्रता के साथ पैकिंग की सुविधा की प्रात्रता हो सकेगी। किसानों के उत्साह को बढ़ाने और जिले में जैविक खेती को प्रसारित करने के उद्देश्य से ग्राम मोहबा में जैविक मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
रामजी भारती ने कहा कि जैविक खेती आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रासायनिक खाद का मूल्य बढऩे से कृषि लागत में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसे देखते हुए किसानों को जैविक खेती अपनाने की अपील की। राज्य कृषक कल्याण परिषद के सदस्य बिशेसर दास साहू और मनजीत सिंह ने जैविक खाद निर्माण और जैविक खेती के महत्व के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उप संचालक कृषि अश्वनी बंजारा ने बताया कि जैविक खेती सिर्फ रासायनों का कम उपयोग करने तक ही सीमित नहीं है। अपितु अपने खेतों से लगेे अन्य खेतों के रसायन युक्त पानी को खेतों तक पहुंचाने से रोकना, मेड़ों पर पौधों का रोपण, फसल का सतत अवलोकन करना, गुणवतापूर्वक जैविक खाद का उपयोग करना तथा भण्डारण करते समय भी बीजों को रसायन के संपर्क में आने से बचाना है। सहायक संचालक उद्यान शाहा ने जैविक प्रमाणीकरण के महत्व के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में महिला स्व सहायता समूह, जैविक कृषक बीएस साहू ने भी संबोधित किया।

jindal

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