कृषक परिवार की बहु पीहर से ससुराल आएगी हेलीकॉप्टर से

दूल्हा करेगा दादा के सपनों को साकार, शहडोल की दुल्हन और मुंगेली का दुल्हा

मनीष शर्मा

मुंगेली।

छत्तीसगढ़ के किसान किस कदर खुश है इसकी एक बानगी मुंगेली में देखने को मिली है. जहां एक किसान पुत्र अपने दादा के सपने को पूरा करने के लिए हेलीकॉप्टर से बारात जाने वाला है और हेलीकॉप्टर से ही अपनी दुल्हनिया को लेकर वापस लौटेगा।

आपने शाही शादी जरूर देखा और सुना होगा लेकिन क्या किसी किसान परिवार की शाही शादी के बारे में देखा या सुना है चलिए हम आपको बताते हैं यह शाही शादी नहीं बल्कि एक किसान परिवार की शादी है. जो कि छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिला स्थित छोटे से गांव घोरपुरा गांव की है यहां के निवासी किसान पुत्र और मालगुजार धर्मराज सिंह का यह सपना था कि उसके इकलौते पोते अंकुश सिंह हेलीकॉप्टर से बारात जाए और हेलीकॉप्टर से ही दुल्हन लेकर आए और बारात जाऊंगा तो हेलीकॉप्टर से ही।

इसी सपने को पूरा करने ये सब किया जा रहा है दादा के इसी सपने को पूरा करने के लिए पोता अंकुश सिंह जो कि दूल्हा बनने जा रहा है उन्होंने पूरी तैयारी कर ली है इसके लिए उसने डक्कन कंपनी से किराए पर हेलीकॉप्टर लिया है. जिससे अपने दादा धर्मराज सिंह परिवार के अन्य सदस्यों के साथ 8 सीटर इस हेलीकॉप्टर में सवार होकर 22 जनवरी को करीब 3 बजे मुंगेली से शहडोल बरात जाएं ।शहडोल में अरुण सिंह की पुत्री आदर्शिता सिंह के साथ विवाह कर विवाह के बंधन में बंधने जा रहा है।

विवाह के पश्चात 23 जनवरी को दूल्हा अंकुश सिंह अपनी दुल्हन आदर्शिता सिंह को हेलीकॉप्टर से लेकर मुंगेली पहुंचेंगा, निश्चित ही यह छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश की किसान पुत्र की यह पहली और अनोखी शादी होगी. जिसको लेकर दूल्हा परिवार सहित पूरे मुंगेली वासियों में अभी से ही काफी उत्साह देखा जा रहा है और इस नजारे को देखने व इस पल के गवाह बनने लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

वहीं दुल्हन पक्ष और शहडोल में भी इस अनोखी बारात और विवाह को लेकर लोगों में काफी चर्चा में है।दूल्हा अंकुश सिंह ने दादा के सपने को पूरा करते हुए वह हेलीकॉप्टर से बारात जा रहे हैं और दुल्हन को लेकर हेलीकॉप्टर से ही गांव लौटेगा।

उन्होंने बताया कि शादी को लेकर और दादा के सपनों को पूरा करते हुए उन्हें बहुत खुशी हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि हेलीकाप्टर के उड़ान भरने व उतरने के लिए उसने 18 जनवरी को जिला प्रशासन अनुमति मांगी थी जिस पर अनुमति भी मिल गई है।

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