छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के जैसे देशभर के किसानों को मिले MSP का लाभ-सीएम बघेल

काले कानून को संसद का विशेष सत्र बुलाकर किया जाए रद्द

रायपुर, छत्तीसगढ़। सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र के कृषि कानून को काला कानून करार देकर संसद का विशेष सत्र बुलाकर निरस्त करने की मांग की है। सीएम बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के 94% किसानों को जब MSP का लाभ मिलता है। प्रदेश में MSP में खरीदी होती है तो पूरे देश में क्यों नहीं हो सकता ?

सीएम बघेल की मानें तो केंद्र सरकार पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। केंद्र सरकार पर अंग्रेजों की तरह काम करने का आरोप लगाया है।

बता दें सीएम भूपेश बघेल ने राजीव भवन में प्रेस वार्ता कर ये बयान दिया है। देशभर के साथ आज छत्तीसगढ़ में भारतबंद का कांग्रेस ने समर्थन किया है। सुबह से कांग्रेस नेता बंद को सफल बनाने की कवायद में सड़कों पर घूम रहे हैं।

क्या है किसानों की मांग

किसानों की मांग है कि मिनिमम सपोर्ट प्राइस यानी MSP हमेशा लागू रहे।

किसान चाहते हैं कि 21 फसलों को MSP का लाभ मिले. फिलहाल किसानों को सिर्फ गेहूं, धान और कपास पर ही MSP मिलती है.

किसानों की मांग है कि अगर कोई कृषक आत्महत्या कर लेता है तो उसके परिवार को केंद्र सरकार से आर्थिक मदद मिले.

किसान चाहते हैं कि केंद्र द्वारा मानसून सत्र में पारित कराए गए तीनों कानून वापस लिए जाएं.

मांग है कि इस आंदोलन के दौरान जितने भी किसानों पर मामले दर्ज हुए हैं, उन्हें वापस लिया जाए.

क्या है किसानों की शंका?

किसान कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार अधिनियम, 2020, कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) अधिनियम, 2020 और आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम, 2020 का विरोध कर रहे हैं।
सितंबर में बनाये गये तीनों कृषि कानूनों को सरकार ने कृषि क्षेत्र में एक बड़े सुधार के रूप में पेश किया है और कहा कि इससे बिचौलिये हट जाएंगे एवं किसान देश में कहीं भी अपनी उपज बेच पाएंगे।

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