छत्तीसगढ़

धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए क्विंटल होने से धान बेचने सहकारी समितियों में उमड़े किसान

रोशन सोनी

अम्बिकापुर।

छत्तीसगढ़ के नव निर्वाचित मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए प्रति क्विंटल घोषित कर दिया गया है तथा किसानों के कृषि ऋण को भी माफ करने की घोषणा की गई है।

नए समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सरगुजा जिले की सहकारी समितियों में बड़ी संख्या में किसान आने लगे हैं। राज्य शासन के इस ऐतिहासिक निर्णय से किसान बेहद प्रसन्न हैं कि अब उन्हें पिछले समर्थन मूल्य से लगभग 750 रूपए अधिक प्राप्त होंगे।

उल्लेखनीय है कि मोटे धान का पिछला समर्थन मूल्य 1 हजार 750 रूपए प्रति क्विंटल तथा पतले धान का पिछला समर्थन मूल्य 1 हजार 770 रूपए प्रति क्विंटल था। राज्य सरकार के घोषणा के अनुरूप अधिकारियों द्वारा किसानों को नए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक सहित अन्य कर्मचारियों को किसानों का धान नियमानुसार शीघ्र क्रय करने हेतु बारदाने उपलब्ध कराने तथा समिति में आये धान को शीघ्र तौलने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसानों को धान विक्रय करने में अनावश्यक रूप से असुविधा की शिकायत पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। अम्बिकापुर जनपद अंतर्गत आने वाले आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मेण्ड्राकला में धान बेचने आये सोनपुरखुर्द ग्राम के किसान श्री चैनसाय राजवाडे़ ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान 2500 रूपए प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने की उम्मीद के चलते धान नहीं बेच रहे थे।

उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए क्विंटल निर्धारित कर दिया गया है, जिसे धान बेचने के प्रति हम उत्साहित हैं। श्री राजवाड़े के पास लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि है।

श्री चैनसाय प्रति वर्ष लगभग 35 क्विंटल धान का विक्रय सहकारी समिति में करते हैं। इन्होंने कृषि कार्य हेतु 20 हजार रूपए का ऋण लिया है, श्री चैनसाय के तीन पुत्र हैं। श्री चैनसाय ने बताया कि बढ़े हुए समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सभी किसान उत्साहित हैं।

धनगवां ग्राम के किसान श्री महादेव सिंह के पास लगभग ढ़ाई एकड़ कृषि भूमि है तथा प्रति वर्ष लगभग 40 क्विंटल धान का विक्रय करते हैं।

श्री महादेव ने धान के अच्छे समर्थन मूल्य पर खुशी जाहिर करते हुए बताया कि किसानों को अब समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने पर पूर्व के समर्थन मूल्य से लगभग 750 रूपए अधिक राशि प्राप्त होगी।

श्री महादेव ने बताया कि नए राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है, वे नए उत्साह के साथ खेती-किसानी के कार्य में पूरी ऊर्जा के साथ काम कर सकेंगे।

किसानों की आय में वृद्वि से परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा तथा बच्चे भी बिना किसी आर्थिक परेशानियों के उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे।

फतेपुर ग्राम के किसान बलभद्र पैकरा के पास लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि है। ये प्रति वर्ष 120 क्विंटल धान का विक्रय करते है। श्री बलभद्र ने बताया कि राज्य सरकार की घोषणा से उसकी पत्नी तथा बच्चे बेहद उत्साहित हैं।

सभी किसान परिवारों के सदस्य नए समर्थन मूल्य से अत्यंत प्रसन्न हैं। फतेपुर ग्राम के किसान अमीर हमजा के पास लगभग साढ़े चार एकड़ कृषि भूमि है तथा ये प्रति वर्ष लगभग 40 क्विंटल धान का विक्रय करते हैं।

धान विक्रय करने आये अन्य किसानों ने भी बताया कि उन्हें धान की अच्छी उपज प्राप्त नहीं होने के कारण उन्हें ऋण वापसी में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। राज्य सरकार द्वारा धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने से उन्हें एवं उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।

अब परिवार के सभी सदस्य नई ऊर्जा के साथ खेती-किसानी के कार्यो में व्यस्त हो गये हैं। इस प्रकार नई सरकार ने किसानों को नए समर्थन मूल्य के रूप में एक बड़ी सौगात दी है। ज्ञातव्य है कि सरगुजा जिले में इस वर्ष अब तक 1 लाख 92 हजार 960 क्विंटल धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई है।

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