छत्तीसगढ़

किसानों ने जैविक खेती, बीज उत्पादन और कृषि तकनीक के बारे में जाना

जांजगीर-चांपा : किसानों की मांग पर कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर में 21 फरवरी को एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख के.डी. महंत ने विज्ञान केन्द्र में संचालित गतिविधियों के बारे में किसानों को जानकारी दी। उन्होंने जैविक खेती, वर्मी कम्पोस्ट, एजोला उत्पादन, मृदा परीक्षण आधारित फसल उत्पादन को अपनाने तथा संतुलित खाद के समुचित उपयोग के लिए किसानों को प्रेरित किया। प्रक्षेत्र प्रबंधक चन्द्रशेखर खरे ने किसानों को समन्वित कृषि प्रणाली, रबी और खरीफ बीजोत्पादन पंजीयन प्रमाणीकरण की जानकारी दी।

कार्यक्रम में किसानों को फसल प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीक, ग्रीष्म कालीन जुताई और खेत में फैले पैरा को ट्राइकोडर्मा द्वारा जैंविक खाद बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम सहायक मनोज साहू ने मशरूम उत्पादन एवं रबी फसलों में रोग नियंत्रण पर प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में प्रगतिशील कृषक राकेश जायसवाल, चन्द्रकुमार जायसवाल, गौतम तथा ग्राम कपिस्दा के जय मां शीतला स्व सहायता समूह की महिला कृषकों सहित प्रगतिशील एवं नवोन्वेषी किसानों ने हिस्सा लिया। उल्लेखनीय र्है कि ग्राम सुराज अभियान के अंतर्गत ग्राम कपिस्दा, करनौद, खजुरानी के किसानों ने जैविक खेती, बीज उत्पादन, मशरूम उत्पादन और अन्य कृषि तकनीकी पर प्रशिक्षण की मांग की थी, इसी तारतम्य में कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन मंे महेश्वरी उपासक, आर.के. पाण्डेय, पीयूष निषाद एवं संतराम साहू का योगदान रहा।

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