छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के किसान नये कृषि कानूनों को आशा की नजर से देख रहे – कविन्द्र जैन

मिलेश महीलांगे

कुछ राजनैतिक दल के नुमाइंदे पार्टी लाइन पर टोकन विरोध कर रहे
धमतरी: केंद्र सरकार द्वारा किसानों को सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिये लाये गये नये कृषि कानूनों को लेकर खासी उम्मीदें हैं। उनको प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की नीयत और नीति पर पूर्ण विश्वास है।

कुछ राजनीतिक दल जिनकी जमीन खिसक चुकी है या जो देश मे अपनी जमीन तलाश रहे हैं उन दलों के नुमाइंदे अपने नेतृत्व के इशारे पर टोकन विरोध कर रहे हैं। कोई बंद को समर्थन देने का असफल प्रयास करता है कोई झंडे बैनर लेकर सड़कों पर नारा लगाता है कोई भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों के घरों का घेराव करने का ड्रामा करता है इन सभी के साथ किसान भाई कहीं नजर आते।

केवल कुछ तथाकथित किसान नेता और कुछ राजनीतिक दल के नुमाइंदे ये भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। छत्तीसगढ़ का किसान सिर्फ एम एस पी को लेकर फिक्रमंद था जिसे लेकर केंद्र सरकार पहले ही लिखित में गारंटी देने को सहमत हो गयी है।

किसानों की आड़ में राजनैतिक रोटी सेकने वालों ने किसानों के हितों के लिये क्या किया है ये छत्तीसगढ़ का किसान भली भांति जानता है। चाहे समर्थन मूल्य में वृद्धि की बात हो या सरकारी खरीद में वृद्धि की बात हो।

चाहे किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा की बात हो या फसल बीमा की सुरक्षा की बात हो। समय पर धान खरीदी खाद में सब्सिडी समय पर भुगतान इत्यादि से लेकर किसान सम्मान निधि तक किसानों की दशा सुधारने का काम छग में डॉ रमन सिंह जी की सरकार ने किया है और केंद्र में पहले अटल जी की सरकार ने और फिर मोदी जी की सरकार ने किया है।

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