छत्तीसगढ़ के किसान अब मसाला फसलों की करेंगे खेती

ब्यूरो चीफ विपुल मिश्रा

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के किसान अब मसाला फसलों की खेती कर आय अर्जित करेंगे। धान का कटोरा कहे जाने वाले राज्य को अब नई पहचान मिलेगी। जिसकी शुस्र्आत बिलासपुर जिले से हो गई है। मंगलवार को सुपारी एवं मसाला विकास निदेशालय, कालीकट, केरल के निदेशक डा. होमी चेरियन ने कोटा क्षेत्र के ऐसे किसानों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया।

कृषि विज्ञानियों का मानना है कि छत्तीसगढ़ जैव विविधता से भरपूर है। कृषि जलवायु क्षेत्र में बंटे होने के कारण मसाल फसलों की खेती के लिए परिस्थिति काफी अनुकूल हैं। राज्य में मसाला फसलों की खेती की अपार संभ्ाावनाएं है। कोरोना काल में देश विदेश में मसाले की डिमांड बढ़ी है।

डा. होमी ने किसानों से बातचीत करते हुए यह भी कहा कि वैश्विकरण के दौर में संपूर्ण व समान्वित कृषि सबसे सर्वश्रेष्ठ है। अनाज, सब्जी, फल-फूल की खेती के साथ-साथ मसाला फसलों का उत्पादन करके अच्छा लाभ्ा अर्जित किया जा सकता है। गौरतलब है कि बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र के कई किसान इन दिनों हल्दी, काली मिर्च व अदरक की खेती कर रहे हैं

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