राज्य के किसानों को 3 माह पहले ही पता चल जाएगी वर्षा की स्थिति

मुख्यमंत्री से मिले नासा के वैज्ञानिक नरेन्द्र एन.दास , छत्तीसगढ़ अपनाएगा नासा की तकनीक

रायपुर । राज्य के किसानों को 3 महीने पहले ही चल जाएगा वर्षा का पता। इससे किसानों को बीजों और खाद के नुकसान से बचाया जा सकेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को ये जानकारीनेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन, अमेरिका (नासा) के शोध वैज्ञानिक नरेन्द्र एन.दास ने दी । उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में सीएम से मुलाकात की। वैज्ञानिक दास ने मुख्यमंत्री को बताया कि, नासा ने ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसमें अंतरिक्ष विज्ञान की सहायता से कृषि संबंधी पूर्वानुमानों को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी तकनीक से तीन महीने पहले वर्षा की स्थिति की जानकारी किसानों को दी जा सकती है, जिससे किसान फसल की बोनी का समय निर्धारित कर सकते हैं और उन्हें असमय वर्षा से फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है।

कई देशों को नासा दे चुका है ये तकनीक : दास ने कहा कि, अंतरिक्ष विज्ञान की मदद से उत्पादन से पहले ही फसलों के उत्पादन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। नासा ने ऐसी तकनीक का सहयोग विश्व के कई देशों को प्रदान किया है, जिससे वे लाभ प्राप्त कर सफलतापूर्वक कृषि कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी नासा ऐसी तकनीक का सहयोग प्रदान कर सकता है। देश में अन्य किसी राज्य में ऐसी तकनीक का उपयोग नही हुआ है।

सीएम ने जताई सहमति : नरेंद्र एन दास ने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ इसका उपयोग करेगा तो देश का पहला राज्य होगा। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि नासा की यह तकनीक वाकई में किसानों के लिए फायदेमंद होगी। छत्तीसगढ़ में इसका उपयोग जरूर किया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हिन्दी ग्रन्थ अकादमी के संचालक शशांक शर्मा भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि नरेन्द्र एन.दास छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर के निवासी हैं। उन्होंने शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में वर्ष 1992 में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की परीक्षा उत्तीर्ण की है।

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