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रबी में धान की जगह दलहन-तिलहन की फसल लें किसान : क्षीरसागर

रायपुर । जिले के किसानों को इस बार ग्रीष्मकालीन धान की फसल की जगह दलहन-तिलहन की फसल के लिए प्रेरित किया जाएगा। सूखे की वजह से इस साल भूमिगत जल स्रोत में कमी और पानी की बढ़ती उपयोगिता में समन्वय नहीं होने के कारण ग्रीष्मकालीन धान के बदले गेहूं, कुसुम, चना, अलसी, गन्ना आदि फसलों की पैदावार की जाएगी। कम से कम पानी में अधिक से अधिक फसल उत्पादन के तरीके को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इस वर्ष वर्षा की कमी को ध्यान में रखते हुए रबी मौसम में नमी आधारित फसलों को उत्पादित किया जाना चाहिए।
00 पानी की कमी को बताया जा रहा कारण :
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीलेश क्षीरसागर ने बुधवार को कृषि विभाग के सभागार में रबी अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये बातें कही। संयुक्त संचालक कृषि जी.के. निर्माम ने उपस्थित कृषि अधिकारियों को रबी में धान की खेती की जगह अन्य नमी आधारित फसलों की पैदावार के लिए किसानों को प्रेरित करने कहा। प्रशिक्षण सह कार्यशाला में केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए किसानों से सतत संपर्क करने के निर्देश कृषि विभाग के मैदानी अमले को दिए गए। इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने फसल कटाई अनुप्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। कार्यशाला में उपसंचालक कृषि गयाराम ने भी रबी फसल में धान की जगह अन्य नमी आधारित फसल पर जोर डाला। कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक आर.एल. शर्मा ने किसानों के हितों से जुड़ी बातों को रखा। उन्होंने कम पानी से कौन सी फसल का अधिक उत्पादन लिए जा सकता है, इसके बारे में बताया। भविष्य में पानी का संरक्षण करने पर भी प्रकाश डाला पानी के अभाव में फसल का उत्पादन असंभव है। इस दौरान जिले के सभी विकासखंड के वरिष्ठ और ग्रामीण कृषि अधिकारी मौजूद थे।

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