किसान यूनियनों और विपक्षी दलों ने कृषि कानूनों को निरस्त करने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया

विपक्षी नेताओं और राज्‍य के मुख्‍यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा कृषि कानूनों को निरस्‍त करने की घोषणा का स्‍वागत किया है।
कांग्रेस नेता राहुल नेता ने एक ट्वीट में कहा है कि कृषि कानूनों को निरस्‍त करना सत्‍याग्रह की जीत है।
ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक ने सभी तीन कृषि कानूनों को निरस्‍त करने के फैसले का स्‍वागत किया है और उन्‍होंने कहा कि यह फैसला देश और किसानों के हित में है।

केरल के मुख्‍यमंत्री पिनाराई विजयन ने एक ट्वीट में कहा कि किसानों का साल भर का विरोध आखिककार जीत गया।

जनता दल सेक्युलर के अध्यक्ष एच. डी. देवेगौड़ा ने तीन कृषि कानूनों को निरस्‍त करने के प्रधानमंत्री के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वह उन सभी किसानों को सलाम करते हैं जिन्होंने कानूनों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया। श्री गौड़ा ने कहा कि संसदीय व्यवस्था में बहस और चर्चा महत्वपूर्ण है।

पंजाब और हरियाणा में टोल प्‍लाजा और अन्‍य स्‍थानों पर धरना देने वाले किसानों, राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं ने केंद्र सरकार के फैसले का स्‍वागत किया है। किसानों ने लड्डू बांटकर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्‍ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री का धन्‍यवाद दिया। पंजाब में कांग्रेस प्रदेश अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने इस फैसले का स्‍वागत करते हुए इसे सही दिशा में उठाया हुआ कदम बताया। पंजाब के उप मुख्‍यमंत्री सुखविन्‍दर सिंह रंधावा ने केंद्र सरकार से उन किसानों के परिवारों की देखभाल करने की अपील की जिनका प्रदर्शन के दौरान निधन हो गया था। शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक समिति की अध्‍यक्ष बीबी जागीर कौर ने गुरू पुरब के दिन यह घोषणा करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्‍यवाद किया।

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