राजस्थान में भी किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ

जयपुर।

राजस्थान की नवनिर्वाचित अशोक गहलोत सरकार ने भी किसानों की कर्जमाफी का ऐलान कर दिया है। राज्य सरकार किसानों का 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ करेगी। इससे सरकार के खजाने पर 18,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इससे पहले, कांग्रेस की एमपी और छत्तीसगढ़ की सरकारें भी किसानों की कर्जमाफी का ऐलान कर चुकी हैं। हाल के दिनों में, राजस्थान किसानों का कर्ज माफ करने वाला तीसरा कांग्रेसशासित और देश का चौथा राज्य बन गया है। बता दें कि एक दिन पहले असम ने भी किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान किया था।

बता दें कि कांग्रेस ने 3 राज्यों में चुनाव से पहले किसान कर्जमाफी को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी रैलियों में सरकार बनने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी।

एमपी और छत्तीसगढ़ में सरकार के कर्जमाफी के ऐलान के बाद मंगलवार को बीजेपी की असम सरकार ने भी किसानों को कर्जमाफी का तोहफा दिया था। असम में कर्जमाफी का फायदा लगभग 8 लाख किसानों को मिल सकता है, जिससे सरकार पर 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं, गुजरात सरकार ने ग्रामीण इलाकों के बिजली उपभोक्ताओं का बिल माफ करने का ऐलान किया था।

असम सरकार के प्रवक्ता और संसदीय मामलों के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने कहा कि योजना के मुताबिक, सरकार किसानों के लोन का 25 पर्सेंट (अधिकतम 25 हजार रुपये) माफ करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा, जिन्होंने पीएसयू बैंकों और किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लोन लिया है।

बता दें कि असम और गुजरात सरकार के कर्जमाफी के ऐलान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, ‘कांग्रेस पार्टी ने असम और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को उनकी गहरी नींद से जगाया। प्रधानमंत्री अब भी सो रहे हैं। हम उन्हें भी जगाएंगे।’ इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि जब तक पीएम किसानों का कर्ज माफ नहीं कर देते, तब तक कांग्रेस और विपक्षी दल उन्हें चैन से सोने नहीं देंगे।

राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी नाराजगी जताई थी। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा था, ‘जिस कांग्रेस पार्टी के करप्शन के कारण देश 60 साल तक नहीं सो पाया, उसके नेता से इससे बेहतर बयान की उम्मीद नहीं थी।’

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