समर्थन मूल्य पर मक्का विक्रय के लिए कृषकों का होगा पंजीयन

मुंगेली।

राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में जिले में समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी हेतु किसानों का पंजीयन किया जाना है।

इस संबंध में कलेक्टर डी. सिंह ने समस्त राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें, विपणन अधिकारी, सहायक खाद्य अधिकारी, खाद्य निरीक्षक एवं सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में मक्का खरीदी हेतु कृषकों का पंजीयन 16 अगस्त 2018 से 31 अक्टूबर 2018 तक किया जाना सुनिश्चित करें।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मक्का खरीदी हेतु पंजीयन की प्रक्रिया धान खरीदी के समान कम्प्यूटराईज्ड रहेगी। खरीफ विपणन वर्ष 2018-19 में समर्थन मूल्य पर मक्का विक्रय हेतु इच्छुक किसानों को आवेदन समिति स्तर पर संलग्न प्रारूप – 1 में उपलब्ध कराये जायेंगे। किसान द्वारा उक्त आवेदन में जानकारी भरकर समिति में जमा किया जायेगा।

पटवारी किसानों के आवेदनों की जानकारी का सत्यापन करेंगे। पटवारी द्वारा सत्यापन के पश्चात समिति द्वारा डेटा-एंट्री की जायेगी एवं डेटा-एंट्री के पश्चात पर्ची (संलग्न प्रारूप-2) निकालकर समिति द्वारा किसान को दी जायेगी।

डाटा एंट्री के पश्चात अंतिम सूची समिति द्वारा प्रिंट किया जायेगा, जिसमें पटवारी, डाटा एंट्री आॅपरेटर एवं समिति प्रबंधक द्वारा हस्ताक्षर किया जायेगा। अंतिम सूची प्रारूप-3 अनुसार होगा। अन्य फसलों के रकबों को किसी भी परिस्थिति में मक्का के रकबे के रूप में पंजीयन नहीं किया जायेगा।

विधिक व्यक्तियों यथा ट्रस्ट/मण्डल/प्रा.लि.कम्पनी/शाला विकास समिति/केन्द्र एवं राज्य शासन के संस्थान/महाविद्यालय आदि संस्थानों द्वारा संस्था की भूमि को मक्का बोने के पंजीयन हेतु यदि अन्य कृषकों को लीज अथवा अन्य माध्यम से प्रदाय किया गया है, तो संस्था की कुल धारित भूमि के अधीन, वास्तविक खेती करने वाले टेनंट फार्मर्स/लेसीस का पंजीयन किया जायेगा एवं समर्थन मूल्य की राशि इन कृषकों के खातों में भुगतान किया जायेगा।

संस्था की ऋण पुस्तिका/बी-1/ आदि सुसंगत राजस्व अभिलेख समिति द्वारा प्राप्त किया जायेगा। संस्था के अधिकृत व्यक्ति (यथा ट्रस्टी) द्वारा समिति का लिखित में सूचना दी जायेगी कि संस्था की भूमि पर किन कृषकों द्वारा खेती की जायेगी। इस जानकारी के आधार पर संबंधित कृषकों की सहमति से पूर्ण विवरण सहित पंजीयन किया जायेगा एवं एमएसपी का भुगतान इन कृषकों के खातों में किया जायेगा।

इस प्रकार संस्थाओं की भूमि पर वास्तविक खेती करने वालों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा। यही व्यवस्था संयुक्त देयता समूहों/रेघा/अधिया कृषकों के द्वारा मक्का विक्रय हेतु अपनाई जाये। समर्थन मूल्य पर मक्का उपार्जन में कृषि भूमि सीलिंग कानून के प्रावधानों का ध्यान रखा जाये। मक्का विक्रय से पूर्व पंजीकृत कृषक की मृत्यु हो जाने पर तहसीलदार के द्वारा परिवार के नामांकित व्यक्ति के नाम से मक्का खरीदी की जा सकेगी।

सभी कृषकों का आधार नंबर उनकी सहमति से प्राप्त किया जाये। आधार नंबर नहीं होने के कारण किसी कृषक को पंजीयन से वंचित नहीं किया जाये, प्राप्त आधार नंबरों की गोपनीयता सुनिश्चित की जाये। एनआईसी के द्वारा किसान पंजीयन से संबंधित सॉफ्टवेयर तैयार कर 6 अगस्त 2018 तक विभागीय वेबसाइट में अपलोड किया जायेगा। जिसे समिति/तहसीलदार द्वारा 10 अगस्त 2018 तक डाउनलोड कर लिया जायेगा।

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