छत्तीसगढ़

सूदखोरों के डर और भय से आत्महत्या और शहर छोड़ने के मामले में वृद्धि, कब बनेगा कानून

भरत मंगवानी:

बिलासपुर: बिलासपुर में सूदखोरों के आतंक और भय से हजारो परिवार अभी तक उजड़ गए है कइयों ने आत्महत्या कर ली कइयों ने सूदखोरों के डर से शहर तक छोड़ दिया।

आज तक सरकार ने सूदखोरों के खिलाफ कोई कड़ा कानून नही बनाया। प्रदेश में बड़े पैमाने में सुदखोर बिना लाइसेंस के 10 से 20 प्रतिशत ब्याज पर वसूली कर रहे है। अधिकतर मामलों में बल प्रयोग से वसूली का मामला सामने आया।

इज्जतदार घराने के लोग बेहद जरूरत होने पर इन सूदखोरों आपराधिक प्रवृत्ति के लोगो से रकम तो ले लेते है पर ब्याज इतना अधिक रहता है कि सिर्फ ब्याज ही दे पाते है और मूल रकम उतनी ही बच जाती है।

अत्यधिक ब्याज वसूली के लिए सूदखोर डराने धमकाने के लिए असामाजिक तत्व आदतन गुंडा बदमाशो का इस्तेमाल करके दबाव बना के आम आदमी को परेशान किया जाता है। रिटायर्ड सी एस ई बी अफसर की खुदकुशी मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ।

शहर में 1 लायसेंस का डर दिखाकर कई सूदखोर मिलीभगत करके ब्याज का अवैध धंधा जोर शोर से बिना पुलिस के डर से कर रहे है। अब इन पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जरूरत है ताकि भविष्य में फिर कोई घर ना उजड़े कोई शहर ना छोड़े कोई आत्महत्या ना करे।

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