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पहले चरण में मतदाताओं के उत्साह के आगे फीका पड़ गया कोरोना का डर

निर्वाचन आयोग के मुताबिक, कुल 53.53 फीसदी वोटिंग हुई

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को पहले चरण का मतदान शाम 6 बजे समाप्त हो गया. पहले चरण में 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान हुआ. पहले चरण में 1066 प्रत्याशियों की किस्मत की ईवीएम में बंद हो गई. इस दौरान किसी भी जगह कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है. निर्वाचन आयोग के मुताबिक, कुल 53.53 फीसदी वोटिंग हुई है.

बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के 16 जिलों की 71 सीटों पर 1066 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीन में कैद हो चुकी है. बुधवार को पहले चरण में मतदाताओं के उत्साह के आगे कोरोना का डर फीका पड़ गया. बिहार चुनाव के पहले चरण के वोटिंग ट्रेंड को देखें तो पिछले चुनाव के बराबर ही लगभग मतदान नजर आ रहा है.

हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में 53.92 फीसदी वोटिंग हुई थी जबकि 2010 के विधानसभा चुनाव में 50.67 फीसदी मतदान हुआ था. पिछले लोकसभा चुनाव और 2010 के चुनाव की तुलना में इस बार ज्यादा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है.

पहले चरण की 71 सीटों में से 24 सीटों पर ही पिछली बार के मुकाबले वोटिंग बढ़ी है जबकि 2015 में 71 में से 68 सीटों पर मतदान बढ़ा था. वोटिंग फीसदी के घटने-बढ़ने का सीधा-सीधा असर चुनावी नतीजों पर भी पड़ता है.

2015 के चुनाव में पहले चरण की 71 सीटों में से एनडीए को 14 सीटें मिली थीं, जिनमें से 13 बीजेपी और एक जीतनराम मांझी ने जीती थी. 2015 के चुनाव में जेडीयू और बीजेपी अलग-अलग लड़ी थीं.

वहीं, 2015 के चुनाव में लालू यादव और नीतीश कुमार साथ थे, जिसके सहारे महागठबंधन को 53 सीटें मिली थीं, जिनमें 27 सीटें आरजेडी, 18 सीटें जेडीयू और 8 सीटें कांग्रेस को मिली थी. 2010 के चुनाव में एनडीए को 61 सीटें मिली थी, जिनमें से बीजेपी 22 और जेडीयू 39 सीटें जीती थी जबकि आरजेडी दहाई का अंक क्रॉस नहीं कर सकी थी.

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