फीडिंग इंडिया वाहन को अमर ने दिखाई हरी झंडी

बिलासपुर: स्व. लखीराम फॉउंडेशन के सहयोग से फीडिंग इंडिया बिलासपुर द्वारा गरीब, विकलांग और बूढ़ों को खाना पहुंचाने के महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। नगरीय प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने स्व. लखीराम अग्रवाल आडिटोरियम में इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यूनाइटेड नेशन से सराहना प्राप्त फीडिंग इंडिया के संस्थापक अंकित क्वेत्रा विशेष रूप से इस कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने अंकित क्वेत्रा के फीडिंग इंडिया के कार्यक्रम एवं उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि बिलासपुर की संस्कृति गरीबों की सेवा और मदद करने की रही है। यहां की जनता ऐसे सकारात्मक कार्यों में सदैव आगे रहती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम में जनता की सहभागिता भी महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने कहा कि फीडिंग इंडिया द्वारा शादी ब्याह जैसे महत्वपूर्ण समारोहों में बचे वेस्टेज खाने का सदुपयोग किया जाता है। गरीब और असहाय बच्चों तक यह भोजन पहुंचाकर हमारे देश की संस्कृति का गौरव विश्व स्तर पर बढ़ाया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के कार्य इंदौर जैसे शहरों में भी होता रहा है, लेकिन इसे विश्व स्तरीय पहचान श्री क्वेत्रा ने दी है। उन्होंने स्वच्छता के लिए अंबिकापुर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि हमारा नगर भी अब फीडिंग इंडिया और स्व. लखीराम अग्रवाल फॉउंडेशन के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आगे आयेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के ऐसे कपड़े, पुस्तकें और बचे हुए खाने को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने में मद्द करें।
फीडिंग इंडिया के संस्थापक अंकित क्वेत्रा ने कहा कि हमने यह कार्य एक छोटे स्तर पर शुरू किया था, परन्तु यह जन सहयोग से इस मुकाम तक पहुंचा है। इसे आगे बढ़ाने में श्री अग्रवाल द्वारा फीडिंग इंडिया को प्रदान की गई वाहन एक उदाहरण के रूप में हम सबको प्रेरित करेगा। यह वाहन एक उदाहरण है, जो देश को बतायेगा कि बिलासपुर के लोग गरीब और असहाय लोगों के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इस तरह हम सब मिल-जुलकर पूरे देश को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रम के शुभारंभ के पूर्व फीडिंग इंडिया की सदस्य सृृष्टि क्वेत्रा ने फीडिंग इंडिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्य सन् 2014 में अंकित क्वेत्रा ने मात्र 22 वर्ष की उम्र में शुरू की थी। उस समय हमारे पास सिर्फ 5 सदस्य थे और आज इस कार्यक्रम में लगभग चार हजार से उपर स्वयंसेवक कार्यरत हैं।
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने तीन साल में 80 लाख से ज्यादा लोगों तक खाना पहुंचाने का काम किया है। इस कार्य के लिए युवाओं ने ज्यादा सहयोग किया है। हमारे दो हजार से भी अधिक सेंटर हैं। हमारा फोकस पहले सड़क में रहने वाले अनाथ बच्चे, स्लम एरिया के बच्चे, दूसरे विकलांग और तीसरे असहाय और बूढ़े लोग होते हैं, ऐसे लोगों का हम ज्यादा ध्यान रखते हैं। फीडिंग इंडिया के इस कार्यक्रम को संयुक्त राष्ट्र ने सराहा और सम्मानित किया। इसके लिए फिलीपिन्स सहित कई देशों ने अवार्ड देकर सम्मानित किया है। उन्होंने बताया कि अगले माह क्वीन ऑफ इग्लैंड भी फीडिंग इंडिया के संस्थापक को अवार्ड से सम्मानित करेंगी।
इस कार्यक्रम में महापौर किशोर राय, कलेक्टर पी. दयानंद, नगर निगम सभापति अशोक विधानी, नगर निगम आयुक्त सौमिल रंजन चौबे सहित नगर के सभी महत्वपूर्ण स्वयंसेवी संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में फीडिंग इंडिया के वाहन की चॉबी श्री अग्रवाल ने फीडिंग इंडिया को सौंपी और झंडा दिखाकर वाहन को रवाना किया।

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