1 अप्रैल 2019 से देश में लागू होगी भारत सरकार की फेम-2 स्कीम

फेम-2 स्कीम के तहत 10,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई

नई दिल्ली: भारत सरकार की फेम-2 (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) स्कीम 1 अप्रैल 2019 से देश में लागू होने वाली है। फेम-2 स्कीम के तहत 10,000 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, जिसे विभिन्न मोटर वाहन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है, जिसमें इलेक्ट्रिक कार, हाइब्रिड कार, इलेक्ट्रिक बस, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और ई-रिक्शा शामिल हैं।

1.5 लाख रुपये तक की दी जाएगी प्रोत्साहन (सब्सिडी) राशि

cardekho.com के मुताबिक, फेम-2 स्कीम के तहत 15 लाख तक की कीमत वाली 35,000 इलेक्ट्रिक कारों पर 1.5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन (सब्सिडी) राशि दी जाएगी। फेम-1 स्कीम के तहत ये राशि अधिकतम 1.38 लाख रुपये तक थी।

वहीं, हाइब्रिड कारों पर यह राशि 13,000 रुपये तक होगी। सरकार ने फेम-1 योजना में भी हरब्रिड कारों पर 13,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की थी, लेकिन बाद में इसे बंद कर दिया गया था। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 15 लाख रुपये की कीमत वाली 20,000 हाइब्रिड कारों पर ही यह राशि मिलेगी।

ये प्रोत्साहन स्कीम फेम-2 योजना लागू होने से तीन साल तक वैध होगी। वर्तमान में भारतीय बाजार में ऑल-इलेक्ट्रिक कारों के रूप में केवल महिंद्रा ई2ओ प्लस और महिंद्रा ईवेरिटो ईवी की उपलब्ध हैं। ऐसे में वर्तमान में इस स्कीम के तहत ये दोनों कारें ही लाभान्वित होंगी।

हालांकि, कुछ अन्य इलेक्ट्रिक कारें भी जल्द ही भारतीय बाजार में कदम रखेंगी। इनमे टाटा टिगोर ईवी, मारुति वैगनआर पर बेस्ड ईवी और टाटा अल्ट्रोज शामिल हैं। लॉन्च के बाद इन कारों पर भी फेम-2 के तहत प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इन कारों के अलावा, हुंडई भी अपनी कोना इलेक्ट्रिक प्रीमियम कार को भारत में लॉन्च करेगी।

लेकिन इसकी कीमत 15 लाख रुपये से अधिक होगी, ऐसे में इस पर कोई प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी। फेम-2 स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विकास किया जाएगा। इसके तहत देशभर में 2,700 इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का प्रावधान हैं।

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