महिला कर्मचारी को कंपनी से किया बर्खास्त, लेबर कोर्ट ने दिया बहाल का आदेश

मामला तीन साल पहले का है

नई दिल्ली।

पुणे की एक कंपनी ने महिला कर्मचारी को कंपनी से बर्खास्त कर दिया तो उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसके बाद कोर्ट ने तीन साल बाद एक बार फिर से महिला कर्मचारी को बहाल करने का आदेश दिया है।

मामला तीन साल पहले का है जब पुणे की एक कंपनी ने महिला कर्मचारी को एचआईवी होने की वजह से नौकरी से निकाल दिया था। जिसके बाद महिला ने लेबर कोर्ट में शिकायत की ।

लेबर कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है महिला कर्मचारी को फिर से नौकरी पर बहाल किया जाए और इस दौरान महिला कर्मचारी का वेतन दिया जाए।

महिला कर्मचारी ने बर्खास्त होने के बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि एचआईवी पॉजिटिव होने की वजह से मुझे जबरन बाहर निकलने के लिए मजबूर किया गया और कंपनी मुझे अपने दस्तावेजों में अनुपस्थित दिखाने लगी थी।

महिला ने कहा कि मुझे एचआईवी पॉजिटिव था, जिसके बाद मुझसे कहा गया कि मेडिक्लेम के लिए अपने दस्तावेज को जमा करूं, लेकिन जब मैने अपने दस्तावेज जमा किए तो कंपनी ने मुझे नौकरी से निकाल दिया।

महिला कर्मचारी ने बताया कि मुझे मेरे पति ने दस्तावेज 30 मिनट के भीतर फेज दिया था, लेकिन जब मैंने इन दस्तावेजों को कंपनी को भेजा तो उन लोगों ने मुझे जबरन इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया। मैं पिछले पांच साल से कंपनी में काम कर रही थी।

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