बुखार से पीड़ित बच्ची के लेकर परिजन भटकते रहे, नहीं मिली एंबुलेंस

अंबिकापुर।

बुखार से पीड़ित बच्ची के लेकर परिजन रविवार की रात अस्पताल का चक्कर लगाते रहे। जब 12 किलोमीटर दूर दरिमा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सक द्वारा बच्ची की मौत की पुष्टि किए जाने के बाद परिजन 7 वर्ष की मृत बच्ची सविता का शव गोद में लेकर मोटरसाइकिल से लगभग 36 किलोमीटर दूर ग्राम सुखरी पहुंचे। सोमवार को बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया।

घटना अंबिकापुर से लगभग 28 किलोमीटर दूर कुनियकला की है। सुखरी निवासी सुखराम अपनी 7 वर्षीय पुत्री और पत्नी के साथ अपने साला राजकुमार के यहां शनिवार की दोपहर गया था। बच्ची को पहले से सर्दी खांसी की शिकायत थी। अचानक बुखार आने पर बच्ची बेहोश हो गई।

परिजन उसे बाइक से लेकर शासकीय स्वास्थ्य केंद्र नवानगर पहुंचे जहां कोई भी चिकित्सक या स्वास्थ्य कार्यकर्ता नहीं मिला, जो बच्चे की नब्ज को टटोल सके। रात लगभग 8.30 बजे परिजनों ने वहां मौजूद महतारी 102 की ईएमटी को बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण करने कहा, लेकिन वह एंबुलेंस से उतरने का नाम ही नहीं ले रही थी। लगभग 10 मिनट बाद एंबुलेंस से नीचे उतरी ईएमटी ने मोबाइल की रोशनी में बच्ची को देखा और उसे दरिमा स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए कहा।

12 किलोमीटर की दूरी तय करके दरिमा पहुंचने के बाद चिकित्सक ने जांच करके उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची के शव को रात 10 बजे मोटरसाइकिल से सुखरी ग्राम लेकर पहुंचे, जहां पहुंचते ही मातम की स्थिति बन गई। जो बच्चे सही सलामत अपने मामा के यहां घूमने निकली थी उसकी लाश घर पहुंचेगी इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।

वहीं मानवता को तार-तार करने वाली घटना चिकित्सा सुविधा के समय पर उपलब्ध नहीं होने और एम्बुलेंस नहीं मिलने को लेकर सामने आई। घटना को लेकर जहां परिजन व्यथित हैं वही उनका कहना है अगर बच्ची का इलाज समय पर होता, तो उसकी जान नहीं जाती।

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