ई-वे बिल और कर भुगतान के अन्य तरीकों को आसान बनाने में फिक्की ने अहम भूमिका निभाईः प्रदीप टण्डन

जीएसटी मामलों में उद्योगों और सरकार के बीच सेतु का काम करने के लिए फिक्की सम्मानित

रायपुर, 16 अगस्त 2021 – देश की अग्रणी व्यावसायिक संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) के छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष श्री प्रदीप टंडन ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रकोप के कारण लंबे समय तक व्यापार और उद्योगों की बंदी के बावजूद प्रदेश के उद्योगों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की अदायगी में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फिक्की ने इस कार्य में एक साथी की भूमिका निभाई है। इसी वजह से सीजीएसटी के प्रिंसिपल कमिश्नर श्री बी.बी. महापात्रा ने फिक्की को सम्मानित किया है।

उद्योगों से इस मित्रवत व्यवहार के लिए हम विभाग के आभारी हैं। यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में श्री टंडन ने बताया कि राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत ने कोविड-19 की दूसरी लहर में भी पूरे धैर्य का परिचय दिया और लोगों तक वस्तु और सेवाएं पहुंचाने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जुलाई महीने की अवधि में पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक जीएसटी की अदायगी की।

वर्ष 2019-20 की उपरोक्त अवधि में 3103 करोड़ और वर्ष 2020-21 में 2554 करोड़ के मुकाबले वर्ष 2021-22 के इन चार महीनों में 3848 करोड़ रुपये की जीएसटी अदायगी की गई, जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। पिछले वर्ष के मुकाबले यह राशि 1294 करोड़ रुपये अधिक है। जीएसटी की अदायगी में 50.69 प्रतिशत की इस उल्लेखनीय वृद्धि पर उद्योगों के हौसले का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि फिक्की ने इस कार्य में ई-वे बिल और कर भुगतान के अन्य तरीकों को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाई।

श्री टंडन ने उद्योग मित्र की भूमिका के लिए सीजीएसटी के प्रिंसिपल कमिश्नर श्री बी.बी. महापात्रा समेत उनकी पूरी टीम के प्रति आभार जताया और उम्मीद की कि आने वाले समय में ऐसी ही मधुर समन्वय से राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए पूरा उद्योग जगत और अधिक प्रोत्साहित होगा।

गौरतलब है कि श्री नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) की छत्तीसगढ़ इकाई को निजी क्षेत्र के सबसे बड़े जीएसटी अदाकर्ता के रूप में सम्मानित किया गया है। जेएसपीएल-छत्तीसगढ़ प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी जीएसटी अदाकर्ता कंपनी भी बन गई है।

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