नगर निगम की सामान्य सभा की बैठक में जमकर हंगामा

तुकेश साहू

धमतरी।

नगर निगम धमतरी में बुधवार को सामान्य सभा की बैठक आहूत की गई थी। जिसमें सभी पार्षदों ने अपने अपने सवाल शहर हित व जनहित के विषय में लगाया थे, लेकिन बड़े शर्म की बात यह रही कि प्रभारी सदस्यों के द्वारा बैठक प्रारंभ होने पर किसी भी सवालों का जवाब नहीं दिया और यह जवाब दिया गया की हमारे पास सवालों के जवाब नहीं हैं। करीबन सवा घंटे तक हंगामे का सिलसिला चलता रहा।

आखिरकार सामान्य सभा की बैठक को आगामी 5 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। करीब 11 महीने बाद नगर निगम में सामान्य सभा की बैठक हुई जो बमुश्किल सवा घंटे तक चली । भारी हंगामे के बीच हुई इस बैठक में प्रश्नोत्तरी को लेकर विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी महापौर को जमकर घेरा।

पार्षदों का कहना है कि निगम प्रशासन ने बैठक में पूछने के लिए सवाल तो मंगा लिया है, लेकिन उनका जवाब ही नहीं दिया जा रहा है और तो और बिना तैयारी की बैठक हो रही है…. जिसमें किसी भी सदस्य को उनके सवालों का जवाब नहीं मिल रहा है ।

बैठक में नेता प्रतिपक्ष अनुराग मसीह नें महापौर को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनका निगम प्रशासन में कोई पकड़ नहीं है। जिस कारण अधिकारी कर्मचारी मनमानी कर रहे है …….यही कारण है कि आज बैठक मैं किसी भी सवाल का जवाब नहीं मिल रहा।

यह स्थिति ठीक नहीं है इसके लिए सदन में सभापति को तत्काल निर्णय लेकर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की….. उल्लेखनीय है कि बैठक में उस समय भारी हंगामा मच गया…. जब कांग्रेसी पार्षद प्रीति बजाज ने सदन में यह कहा कि सामान्य सभा की बैठक को आगे बढ़ाने के लिए उनके पास महापौर की फोन आई थी, यह सुनकर महापौर भी अपने सीट से उठ खड़ी हुई और कहने लगी कि उन्होंने कोई फोन नही किया। वे कोई पागल थोड़ी है, इस पर प्रीति बजाज ने महापौर अर्चना चौबे ने मुझे पागल कही है।

कहकर जोर जोर से चिल्लाने लगी। इस मुद्दे पर करीब 10 मिनट तक सदन गरमाया रहा। अंततः महापौर ने अपनी शब्द को वापस लिया तब यह मामला शांत हुआ।

इसके बाद भी अधिकारियों की मनमानी को लेकर पार्षदों ने भड़ास निकालते रहे। इस पर पार्षदों ने ही बैठक अभी स्थगित कर अगली बार अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ आने की बात कही।

सभापति राजेन्द्र शर्मा ने महापौर अर्चना चौबे समेत सभी पार्षदों की इस पर राय जानी….. अधिकांश ने हाथ खड़ाकर इस पर अपनी सहमति जताई। जिसके बाद सामान्य सभा 5 फ़रवरी को पुनः बुलाने के लिए स्थगित कर दिया गया। बताया गया है कि 17 एजेन्डों को लेकर सामान्य सभा की बैठक बुलाई गई थी, जहां कई अहम मसलों पर आम सहमति बनना था, लेकिन एक घंटे के लिए रखी गई प्रश्नोत्तरी सवा घंटे चली और हंगामे के दौरान ही आगामी तारीख के लिए स्थगित हो गई।

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