गरीबी से लड़ते-लड़ते बागी हो गया : पीएम मोेदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कई जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने उप्र, बिहार और पंजाब में विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। उप्र के बलिया में माल्देपुर की सभा में कहा कि जैसे गुलामी के खिलाफ बलिया बागी हुआ, वैसे ही मैं गरीबी से लड़ते-लड़ते बागी हो गया। मेरी एक ही जाति है, वो है गरीबी। इस दौरान उन्होंने कहा कि गठबंधन से मिल रही गालियों का जवाब जनता दे रही है।

उन्होंने कहा कि बचपन में मैंने अपनी मां को धुएं से जूझते देखा। महिलाओं के घर में शौचालय न होने से पीड़ा सहते देखा है। बरसात में टपकती छत के कारण गरीबों को परेशान होते देखा। पैसे के अभाव में इलाज के लिए भटकते देखा। गरीब के खेत बिकते हुए देखा। ढिबरी में मुश्किल में पढ़ाई करते देखा। ऐसे अनुभवों ने मुझे गरीबी के खिलाफ बगावत करने के लिए प्रेरित किया है।

मैं आप सभी की तरह ही गरीबी से निकला हूं। गरीबी का दर्द सहा है मैंने। मैं अपना पिछड़ापन और गरीबी दूर करने के लिए नहीं बल्कि देश के लिए जुटा हूं। मैं नहीं चाहता कि देश की आने वाली पीढ़ी की संतानें विरासत में पिछड़ापन और गरीबी पाएं। मैं इन परिस्थितियों को बदलने में जुटा हूं। आपके आशीर्वाद से मैं यह कर लूंगा।

मोदी ने कहा कि महामिलावटी लोग मुझसे जाति पूछते हैं। बुआ-बबुआ मिलकर जितने दिन मुख्यमंत्री रहे, उससे अधिक कार्यकाल मैं अकेले गुजरात का सीएम रहा। कई चुनाव लड़ा और लड़वाया, लेकिन अपनी जाति का सहारा नहीं लिया। मैं न देता जाति के नाम पर हूं न लेता हूं, मुझे तो सिर्फ देश के लिए जीना है। जाति की राजनीति के नाम पर मैंने उनकी तरह न बंगले खड़े किए, न महल बनवाए। नामी-बेनामी संपत्ति उन्होंने बनाई। अब एजेंसियां जांच में जुटी हैं। महामिलावटी लोग बताएं कि क्या मेरे पास बेनामी संपत्ति, फार्म हाऊस, शॉपिंग कांप्लेक्स, विदेशी बैंकों में खाता, विदेश में संपत्ति है। न मैंने अमीरी का सपना देखा न कभी गरीबों का हक मारा।

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