आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम होगा – अरुण जेटली

नई दिल्ली: जीएसटी की लॉन्चिंग के समय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन को सबसे पहले संबोधित किया. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक दिन हम वस्तु एवं सेवा कर विधेयक लागू करके भारत के विकास में ऐतिहासिक फैसला करने जा रहे हैं. यह भारत की एक नई शुरुआत होगी. इससे नए भारत का निर्माण होगा और नए भारत में केंद्र और राज्य मिलकर एकसाथ काम करेंगे.

वित्त मंत्री ने जीएसटी पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की कोशिशों की सरहाना करते हुए कहा कि राष्ट्र्पति जीएसटी की यात्रा के सबसे पहले गवाह हैं, जो 15 साल पहले शुरू हुई थी. 2006 के बजट मे यूपीए के बजट में सरकार ने घोषणा की थी कि 2010 में इसे लागू किया जाएगा. 2011 में वित्त मंत्री की हैसीयत से राष्ट्रपति ने जीएसटी को संसद के पटल पर रखा था.

उन्होंने कहा कि उस समय की स्टैंडिंग कमेटी ने जीएसटी काउंसिल के गठन का फैसला लिया गया. यह एक ऐसा फैसला था जिसके तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी.

अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी को लेकर सभी निर्णय सभी की सहमति से हुए हैं. किसी भी मत पर कभी वोट डलवाने की जरूरत नहीं पड़ी. एक-एक वस्तु पर टैक्स का निर्धारण सभी की सहमति से हुआ है. अभीतक की जो व्यवस्था रही है उसमें राज्य और केंद्र के मिलकर कई टैक्स थे, उन्हें खत्म करके एक कर दिया गया है.

अब केवल एक सॉफ्टवेयर पर रजिस्ट्रेशन करके हर महीने की 9-10 तारीख को अपनी रिपोर्ट दर्ज करनी होगी. इस व्यवस्था से आम आदमी पर टैक्स का बोझ कम होगा, चुंगी नाकाओं पर ट्रकों की भीड़ खत्म होगी. इनपुट स्तर जो आप ने एक बार टैक्स दिया उसका असर ऑउटपुट में मिलने लगेगा.

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