कोरोना संकट के दौरान ड्यूटी करने वाले राज्य के डॉक्टरों को दिया जायेगा फाइनेंशियल इंसेंटिव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ऐलान किया

नई दिल्ली:कोरोना संकट के दौरान ड्यूटी करने वाले राज्य के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को इस साल के जून महीने तक फाइनेंशियल इंसेंटिव दिया जाएगा. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने ऐलान किया है कि 4th और 5th ईयर के MBBS छात्रों, कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे डॉक्टरों के साथ जूनियर और सीनियर रेसिडेंट्स को हर महीने 3,000 का इंसेंटिव, जबकि नर्सिंग स्टूडेंट्स, जनरल नर्सिंग और मिडवाइफ्री (GNM) के तीसरे और अंतिम वर्ष के छात्रों और लैब स्टाफ को हर महीने 1,500 का इंसेंटिव दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने ये घोषणा कांगड़ा जिले में महामारी के मामलों में तेज उछाल के मद्देनजर बुलाई गई अधिकारियों की वर्चुअल बैठक के दौरान की. इस बैठक में उन्होंने कोरोना मरीजों के लिए राज्य की तैयारियों और ऑक्सीजन सप्लाई की भी समीक्षा की. इसके बाद, मुख्यमंत्री ने जिले के परौर में राधास्वामी सत्संग व्यास का दौरा किया और अधिकारियों को अगले 10 दिनों के भीतर 250 बेड्स की क्षमता वाला एक कोविड केयर सेंटर बनाने का निर्देश दिया, जिसकी क्षमता बाद में लगभग 1,000 बेड तक बढ़ाई जाएगी.

कांगड़ा में ICU बेड की उपलब्धता बढ़ाने का निर्देश

कांगड़ा के डिप्टी कमिश्नर राकेश प्रजापति ने कहा कि जिले के अब तक 3,59,489 सैंपल्स का टेस्ट किया गया है, जिनमें से 19,570 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है. प्रजापति ने आगे कहा कि टीकाकरण अभियान ठीक तरह से चल रहा है और अब तक, कोरोना वैक्सीन की 3,82,851 डोज दी जा चुकी हैं.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ऑक्सीजन की ठीक तरह से सप्लाई सुनिश्चित करने और कांगड़ा में ICU बेड की उपलब्धता बढ़ाने का निर्देश दिया है. साथ ही, उन्होंने कहा कि RT-PCR टेस्टिंग और जल्द से जल्द रिजल्ट के लिए प्राइवेट लैब्स को अनिवार्य किया जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि इलाज के बाद कोरोना मरीजों को घर छोड़ने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के अलावा अस्पतालों में मरीजों के लिए एक फुलप्रूफ सिस्टम तैयार किया जाना चाहिए.

कई जगह कोविड सेंटर्स बनाने की चल रही तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में लगभग 1,400 बिस्तरों को पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी. परौर में बनाए जाने वाले 1,000 बेड्स की क्षमता वाले कोविड सेंटर के अलावा, मंडी में राधा स्वामी सत्संग व्यास परिसर में 200 और शिमला में IGMCH के नए ओपीडी ब्लॉक में 300 बेड की क्षमता वाला कोविड सेंटर बनाने की कोशिश की जा रही है. इसी के साथ, बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में कोरोना मरीजों के लिए एक अतिरिक्त 500 बेड्स की क्षमता वाला कोविड सेंटर बनाने के लिए भी जगह की पहचान की गई है.

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