नजूल भूमि पर कब्जा करने ढूंढा नया तरीका, ट्रस्ट में ही ट्रस्ट का निर्माण

फिर करीब आधी जमीन को दूसरे ट्रस्ट के सदस्यों को किराए पर औने-पौने दाम में दे दिया।

बिलासपुर/अंकित मिंज

शहर के गणमान्य कहे जाने वाले लोगों ने नजूल की भूमि पर कब्जा करने का नया तरीका ढूंढ़ लिया। एक ही ट्रस्ट के सदस्यों ने अपने ही बीच एक और ट्रस्ट बना लिया।

फिर करीब आधी जमीन को दूसरे ट्रस्ट के सदस्यों को किराए पर औने-पौने दाम में दे दिया। यह खेल किया पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल, बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक के विवादास्पद अध्यक्ष अशोक अग्रवाल और उनके भाई मंगतराय अग्रवाल समेत ट्रस्ट्रियों ने नजूल भूमि के 46282 वर्गफुट की जमीन में किया।

नजूल की इस भूमि का कई वर्षों से नवीनीकरण भी नहीं हुआ है। शहर के मध्य में घोंघा बाबा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध श्रीराम मंदिर बलखंडी बाबा ट्रस्ट के नाम से 49420 वर्गफुट जमीन है।

इसमें 13805 वर्गफुट शासकीय भूमि पर रामचंद्र जी का मंदिर है। 15465 वर्गफुट पट्टेदार मैनेजर मंदिर श्रीरामचंद्र जी एवं कुल क्षेत्रफल (वर्ग फुट में) सेक्रेटरी, रामचंद्र जी की मंदिर बिलासपुर के नाम पर दर्ज है। सभी शासकीय भूमि है।

हित साधने के लिए सभी विचारधाराएं दरकिनार:

बलखंडी ट्रस्ट की जमीन के लिए हित साधने वाले लोग की सभी विचारधाराएं अलग-अलग होने के बाद ऐसे मामले में समाप्त हो जाती है।

कुछ ऐसी ही स्थिति इस ट्रस्ट के न्यासियों के बीच है। अलग-अलग दल में होने के बाद भी इस जमीन को लेकर विचारधारा की दीवार खत्म हो जाती है।

राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी है पर ट्रस्ट में सब एक है। इसमें भाजपा, कांग्रेस और जकांछ नेताओं की जुगलबंदी दिखाती है कि वे सिर्फ दिखावे के लिए विरोधी है पर जमीन के मामले में सभी एकजुट है।

खुद के ट्रस्ट का पट्टा नवीनीकरण हुआ नहीं और दे दिया दूसरे को किराए पर :

श्रीराम मंदिर बलखंडी बाबा कमेटी (न्यास) के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल ने बतौर ट्रस्ट के अध्यक्ष की हैसियत से 21 नवंबर 2006 को लीज डीड तैयार कराया।

इसमें बलखंडी बाबा न्यास के अध्यक्ष ने श्री श्याम मंदिर ट्रस्ट बिलासपुर द्वारा अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी सीताराम माटोलिया मसानगंज निवासी को 11500 वर्गफुट भूमि को मंदिर निर्माण के लिए धार्मिक कार्य करने पट्टे दे दिया।

बलखंडी बाबा न्यास के सचिव न्यासी मंगतराय अग्रवाल श्रीश्याम मंदिर ट्रस्ट के भी सचिव हैं। मंगतराय अग्रवाल ने बलखंडी बाबा न्यास की तरफ से एसडीएम कोर्ट में बतौर सचिव आवेदन किया था।

एक ही व्यक्ति दोनों ट्रस्ट के सचिव की हैसियत से आवेदन जमा किया। एक आवेदन में संशोधन करने और दूसरे में नाम दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया।

बर्खास्त अफसर के कार्यकाल में आदेश:

बिलासपुर के अनुविभागीय अधिकारी संतोष कुमार देवांगन ने पंजीयक, लोक न्यास, बिलासपुर की हैसियत से पटवारी हल्का नंबर 22 के नजूल भूमि शीट नंबर 35, प्लाट नंबर 5 में स्थित भूमि 46282 वर्गफुट में से 11500 वर्गफुट भीमि को श्याम मंदिर ट्रस्ट को पट्टा विलेख (लीज डीड) अनुसार ट्रस्ट की सम्पत्ति होगी।

3 सितंबर 2009 को न्यास पत्र नियमावली में संशोधित किया गया। इस आदेश की नोट शीट में कलेक्टर, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के मामला क्रमांक पूरी तरह से खाली (ब्लेंक) र्है।

नौकरी से बर्खास्त एसडीएम के न्यायालय में मामला क्रमांक 10/2008-09 दर्ज करके न्यास अधिनियम 1951 की धारा 9 के तहत आवेदन पत्र स्वीकार करके ट्रस्ट पंजी क्रमांक 66 में संशोधन आदेश पारित कर दिया।

उल्लेखनीय है कि संतोष कुमार देवांगन ने एसडीएम रहने के दौरान शहर के अनेक स्थलों में जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी की थी।

इस मामले को लेकर देवांगन की गिरफ्तारी हुई थी। फिर राज्य सरकार ने इस मामले में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

वर्ष 1996 में नवीनीकरण होना था: श्रीराम मंदिर बलखंडी बाबा ट्रस्ट के पुऱाने सदस्यों का रिकार्ड में अता-पता नहीं है। लेकिन 1 अपै्रल 2018 को श्रीराम मंदिर बलखंडी बाबा कमेटी (न्यास) के पदाधिकारी निर्वाचित हो गए।

इनमें अध्यक्ष व प्रबंध न्यासी पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल बनाए गए। उपाध्यक्ष न्यासी प्रभुदयाल खंडेलवाल, सचिव न्यासी मंगतराय अग्रवाल, कोषाध्यक्ष न्यासी शेखर मुदलियार, न्यासी वर्तमान विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर, बिलासपुर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, मनोज भंडारी, आनंद सोनी, अशोक माटोलिया, गोपाल शर्मा, सज्जन अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल शामिल है।

जमीन नजूल की, किराया वसूल रहा ट्रस्ट:

बलखंडी मंदिर की जमीन सरकारी है। लेकिन ट्रस्ट के अध्यक्ष ने दूसरे ट्रस्ट को किराया में दे दिया।

यह किराया 29 साल के लिए दिया गया है। शासन, प्रशासन के कार्य को खुद ट्रस्ट के अध्यक्ष ने कर दिया है।इसका किरायानामा एक सौ रुपए मासिक तय किया गया है।

सुनाई नहीं दे रहा, मिलने पर बताएंगे: बलखंडी ट्रस्ट की जमीन को श्याम मंदिर ट्रस्ट को देने के मामले में श्रीराम मंदिर ट्रस्टी न्यास के अध्यक्ष व पूर्व भाजपा मंत्री मूलचंद खंडेलवाल के सेलफोन पर संपर्क किया गया।

पहले उन्हें साफ सुनाई दिया। लेकिन ट्रस्ट की चर्चा करने के बाद उन्हें सेलफोन से सुनाई नहीं दिया। आखिरकार वे सेलफोन डिस्कनेक्ट कर दिए।

इसके बाद शनिवार नहीं रविवार को बात करने की बात कहकर फिर फोन काट दिया। मामला विचाराधीन है श्रीराम मंदिर बलखंडी न्यास ट्रस्ट जमीन नजूल की है।

इस नजूल शीट का नवीनीकरण का मामला नजूल न्यायालय में विचाराधीन है । आशुतोष चतुर्वेदी, नजूल अधिकारी, बिलासपुर अनुमति जरूरी नजूल भूमि किसी न्यास को आवंटित है।

न्यास नियमों का विधिवत पालन और नियमानुसार अनुमति मिली हो तभी किसी दूसरे न्यास को जमीन आवंटन का प्रावधान है।
– देवेंद्र कुमार पटेल, एसडीएम, बिलासपुर

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