मध्यप्रदेश

पूर्व सीएम कमलनाथ के तीन करीबी अफसरों पर एफआईआर

मुख्यमंत्री शिवराज बोले- तथ्य मिलते ही कार्रवाई

भोपालः लोकसभा चुनाव के दौरान 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी लोगों पर पड़े आयकर के छापों की आंच कांग्रेस और कमलनाथ पर पड़ने लगी है.

भारत निर्वाचन आयोग ने इन छापों के आधार पर सीबीडी से मिली सूचना के आधार पर कमलनाथ के करीबी रहे तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ ही राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी के खिलाफ कांग्रेस से जुड़े लोगों को भारी धन देने के आरोपों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए हैं.

इसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तथ्य मिलते ही कार्रवाई की जाएगी. वहीं राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने अफसरों के साथ साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भी मामला दर्ज करने की मांंग की है.

कमलनाथ के करीबी अफसरों पर प्रकरण दर्ज करने के भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा हूं. जैसे ही तथ्य मिलेंगे. उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो, वैधानिक आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि 2019 के चुनावों के दौरान कमलनाथ के करीबियों के घर पर भोपाल, इंदौर, दिल्ली समेत कई अन्य स्थानों पर आयकर की छापेमारी हुई थी. सीबीडीटी ने इसी के आधार पर रिपोर्ट को तैयार कर चुनाव आयोग को भेजी, जिस पर आयोग ने तीन आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी के खिलाफ मामले दर्ज करने के निर्देश दिए है.

आयोग के सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ के जिन करीबियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने को कहा गया है. उनमें तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुशोवन बनर्जी, संजय माने और वी. मधुकुमार का नाम शामिल है. बनर्जी और माने कमलनाथ के शासन काल में एडीजी और मधुकुमार ट्रांसपोर्ट कमिश्नर थे. इसके अतिरिक्त राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी अरूण मिश्रा का भी नाम बताया गया. वह ई ओ डब्लू में एसपी है.

कमलनाथ के खिलाफ भी हो कार्रवाई : लोकसभा चुनाव के दौरान कालेधन का लेनेदेन मामले में मप्र के चार अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने चुनाव आयोग के निर्देश पर मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि आयोग के निेर्देश का पालन किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि तीन आईपीएस और राज्य पुलिस सेवा के कए अधिकारियों के साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए. सारंग ने ट्वीट कर कहा कि तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने महिला एवं बाल विकास में पोषण आहर का घोटाला किया है. उन्होंने कहा कि 13 महीने की कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़े.

ई-टेंडर की जांच से जुड़े अफसरों को बनाया जा रहा है निशाना : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने तीन आईपीएस अधिकारियों समेत राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी पर मामला दर्ज किए जाने के निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कहाकि भाजपा सरकार के बहुचर्चित ई-टेंडर जाँच से जुड़े अधिकारियों को निशाने बनाने का काम किया जा रहा है.

सलूजा ने कहा कि हर चुनाव के पूर्व इस तरह के फर्जी मामले सामने लाये जाते है, अब नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए, वर्ष 2019 का यह झूठा मामला सामने लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता सभी जानते है ? भाजपा के दबाव में षड्यंत्र व छवि खराब करने का काम किया जा रहा है. झूठे नाम प्रचारित किये जा रहे है, उस समय भी कुछ नहीं मिला और आगे भी सब फर्जी साबित होगा.

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