प्रदेश में दिवाली पर पटाखों और आतिशबाजी पर लगा दी गई रोक​

धुआं उगलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

जयपुर: कोरोना समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पटाखों की ​बिक्री और आतिशबाजी पर रोक लगाने का फैसला किया है. पटाखों से निकलने वाले विषैले धुएं से कोविड संक्रमित रोगियों को दिक्कत होने के कारण यह रोक लगाई गई है.

सीएम ने प्रदेश में पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर रोक लगाने के साथ बिना फिटनेस के धुआं उगलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि कोरोना महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रदेशवासियों की जीवन की रक्षा सरकार के लिए सर्वोपरि है.

पटाखों की बिक्री के अस्थायी लाइसेन्स पर रोक लगाने के निर्देश सीएम ने रविवार को कोरोना के साथ ‘नो मास्क-नो एंट्री’ और ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान की समीक्षा की. सीएम गहलोत ने कहा कि आतिशबाजी से निकलने वाले धुएं के कारण कोविड मरीजों के साथ ही हृदय और श्वास रोगियों को भी तकलीफ का सामना करना पड़ता है.

ऐसे में दीवाली पर लोग आतिशबाजी से बचें. उन्होंने पटाखों के विक्रय के अस्थायी लाइसेन्स पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने कहा कि शादी और अन्य समारोह में भी आतिशबाजी को रोका जाए.

लालबत्ती होने पर वाहनों के इंजन को बंद करने की अपील सीएम ने कहा कि जर्मनी, यूके, फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे विकसित देशों में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई है. कई देशों को तो पुनः लॉकडाउन लगाने पर मजबूर होना पड़ा है. हमारे यहां भी ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो जाए इसे देखते हुए हमें भी सावधानी बरतनी होगी.

सीएम ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे लालबत्ती होने पर वाहनों के इंजन को बंद कर दें. साथ ही मोहल्लों में कचरे को न जलाएं. ऐसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण उपाय अपनाकर हम सभी पर्यावरण प्रदूषण रोकने और प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहयोग कर सकते हैं.

तय मात्रा से ज्यादा धुआं छोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई होगी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. फिटनेस होने के बावजूद यदि वाहन निर्धारित मात्रा से अधिक धुआं छोड़ते पाया जाता है तो संबंधित फिटनेस सेन्टर पर भी कार्रवाई हो.

सीएम ने कहा कि प्रदेश में 2000 डॉक्टर्स की भर्ती प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए. परीक्षा परिणाम में चयनित चिकित्सकों को समस्त प्रक्रिया 10 दिन के भीतर पूरी कर जल्द नियुक्ति दी जाए. इससे कोरोना सहित अन्य रोगों के उपचार में मदद मिलेगी.

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