पहले गौठानों की दशा तो सुधार लें सीएम, फिर गौठान दिवस मनाए: चंद्राकर

चंद्राकर ने गौठान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा पर कसा तंज

रायपुर: भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोवर्धन पूजा को गौठान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा पर तंज कसा है।

चंद्राकर ने कहा कि ऐसा करके सांस्कृतिक, पौराणिक और छत्तीसगढ़ के लोक-जीवन में रचे-बसे गोवर्धन पूजन की गरिमा और महत्ता का भी मुख्यमंत्री बघेल राजनीतिकरण कर रहे हैं।

किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि गोवर्धन पूजा का छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति से गहरा जुड़ाव है और इस दिन प्रदेश का हर गौ-पालक गौ-वंश की पूजा-अर्चना के वृहत आयोजन में पूरी श्रद्धा के साथ भागीदार होता है।

सरकार ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक-पौराणिक महत्व के आस्था पर्व का भी राजनीतिकरण कर दिया है। यह घोषणा गौ-वंश से गहरे जुड़ी प्रदेश की लोक-आस्था के साथ खिलवाड़ है। किसान मोर्चा अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री को यदि इतनी चिंता है तो उन्हें गौठान दिवस के लिए कोई और मौका तलाश करना चाहिए था।

चंद्राकर ने कटाक्ष किया कि पहले मुख्यमंत्री बघेल प्रदेश के गौठानों की दशा तो सुधार लें, फिर गौठान दिवस मनाए। अभी तो प्रदेश के सभी गौठान अव्यवस्था की जीती-जागती मिसाल बने हुए हैं।

चारा-पानी के अभाव में मवेशी या तो अकाल मौत के शिकार हो रहे हैं, या फिर उन्हें आवारा घूमने के लिए छोड़ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि गौ-वंश की हालात सुधारने के बजाय सरकार द्वारा राजनीति किया जा रहा है।

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