संसद के शीतकालीन सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट

संसद के शीतकालीन सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट

संसद के शीतकालीन सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट

गुजरात चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पाकिस्तानी डिप्लोमेट के साथ हुई बैठक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी के विवाद में संसद के शीतकालीन सत्र का पहला हफ्ता हंगामे की भेंट चढ़ गया. लगातार पांचवे दिन शुक्रवार को भी राज्यसभा में कोई काम नहीं हुआ और 11 बजने के कुछ ही देर बाद हंगामे के कारण राज्यसभा बुधवार तक के लिए स्थगित हो गई.

संसद में राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही कांग्रेस के सदस्यों का हंगामा शुरू हो गया. हंगामा इतना बढ़ा कि सभापति वेंकैया नायडू ने सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी. सोमवार, मंगलवार को क्रिसमस त्योहार की छुट्टी है. कांग्रेस की मांग है कि जब तक पीएम मोदी अपने बयान पर सफाई नहीं देंगे, वो सदन नहीं चलने देंगे.

वहीं सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सभापति वेंकैया नायडू ने कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल से अपने चैम्बर में मुलाकात की. उन्होंने सभी नेताओं को जोर देकर कहा कि बुधवार से सदन की कार्यवाही सुचारू करने की कोशिश की जाए. नायडू ने ये भी सुझाव दिया कि सदन के नेता अरुण जेटली और विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद मिलकर विचार-विमर्श करें और कोई रास्ता निकालें.

हालांकि कांग्रेस का आरोप है कि विवाद को सुलझाने के लिए नायडू ने एक कमेटी बनाई थी, लेकिन उसकी सिर्फ एक ही बैठक हुई. बीजेपी ये मुद्दा सुलझाना ही नहीं चाहती. लोकसभ में भी कांग्रेस ने इस मामले पर वॉकआउट किया. हालांकि कांग्रेस ने ओखी तूफान पर हुई चर्चा में हिस्सा लिया

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